निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबी निरंतर सेवा का रिकॉर्ड: 4399 दिनों के साथ नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास
Nimmi Thakur
दिल्ली, 10 जून 2026। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश की सबसे लंबी निरंतर सेवा का नया इतिहास रच दिया है। 10 जून 2026 को उन्होंने 4,399 दिनों तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जारी प्रस्ताव में कहा गया है कि यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र, जनविश्वास और जनभागीदारी की शक्ति का प्रतीक है। प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र प्रथम की भावना, सत्यनिष्ठा, परिश्रम और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य करते हुए जनता का अभूतपूर्व विश्वास अर्जित किया है।
मंत्रिमंडल ने उल्लेख किया कि यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के 12 वर्ष भी पूर्ण हुए हैं। साथ ही प्रधानमंत्री, शासन प्रमुख (हेड ऑफ द गवर्नमेंट) के रूप में 25 वर्षों की निरंतर सार्वजनिक सेवा का महत्वपूर्ण पड़ाव भी पार करने जा रहे हैं। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि छह दशक बाद देश ने उनके नेतृत्व में लगातार तीसरी बार एनडीए सरकार को जनादेश दिया है।
मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान हुए विभिन्न कार्यों और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने गरीब कल्याण को शासन के केंद्र में रखा। करोड़ों लोगों को पक्के घर, बिजली, गैस कनेक्शन, शुद्ध पेयजल, शौचालय, बैंक खाते, मुफ्त राशन और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके परिणामस्वरूप करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ और बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलने में सफल रहे।
युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में कौशल विकास, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल अर्थव्यवस्था, नवाचार और खेलों को बढ़ावा देने की पहल का उल्लेख करते हुए मंत्रिमंडल ने कहा कि भारत आज दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है और अंतरिक्ष विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में कहा गया कि महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सिंचाई परियोजनाओं, एमएसपी में वृद्धि और कृषि निर्यात में बढ़ोतरी जैसे कदमों का उल्लेख करते हुए मंत्रिमंडल ने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की।
राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में कहा गया कि आतंकवाद के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और अन्य रणनीतिक कदमों ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, जीएसटी लागू करने, वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी), नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), भारतीय न्याय संहिता और अन्य प्रमुख सुधारों को निर्णायक नेतृत्व का उदाहरण बताया गया।
मंत्रिमंडल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जी-20 की सफल अध्यक्षता, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना, इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसी वैश्विक पहलों और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर भारत की सक्रिय भूमिका को देश की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रभावशीलता का प्रमाण बताया गया।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकास और विरासत को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई है, जिससे देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिली है। नया संसद भवन, कर्तव्य पथ और अन्य राष्ट्रीय परियोजनाओं को नए भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक बताया गया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपने प्रस्ताव में कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश को मिली राजनीतिक स्थिरता ने विकास, बुनियादी ढांचे, निवेश और वैश्विक प्रभाव को नई गति प्रदान की है। मंत्रिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता रहेगा।
