गुरदापुर में तैनात एसडीएम अनुप्रीत कौर रंधावा गिरफ्तार
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- May 17, 2026
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अमृतसर/तरनतारन। पंजाब प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पंजाब के गुरदासपुर में तैनात सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अनुप्रीत कौर रंधावा को तरनतारन पुलिस ने भ्रष्टाचार और करोड़ों रुपए के गबन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा की गई इस नाटकीय गिरफ्तारी के बाद से सूबे के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। मामला वर्ष 2018 में एक नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए किए गए जमीन अधिग्रहण के सरकारी मुआवजे में भारी हेराफेरी से जुड़ा हुआ है।
क्या है पूरा मामला और 1.63 करोड़ का गबन?
मामले की जड़ें वर्ष 2018 से जुड़ी हैं, जब पंजाब के क्षेत्र से होकर गुजरने वाले राजस्थान-जम्मू कश्मीर हाईवे के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा था। उस समय अनुप्रीत कौर रंधावा संबंधित क्षेत्र में तैनात थीं और भूमि अधिग्रहण व मुआवजा वितरण की जिम्मेदारी उनके पास थी। आरोप है कि पद का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने नियमों को ताक पर रख दिया और मुआवजे की राशि के वितरण में भारी फर्जीवाड़ा किया। जांच में सामने आया कि उन्होंने कुल 1.63 करोड़ रुपए का मुआवजा ऐसे रसूखदार और चहेते लोगों के खातों में ट्रांसफर करवा दिया, जिनके नाम पर उस क्षेत्र में एक इंच जमीन तक मौजूद नहीं थी। वास्तविक भूस्वामियों को हक से वंचित कर सरकारी खजाने को सीधे तौर पर चूना लगाया गया।
मामले की जड़ें वर्ष 2018 से जुड़ी हैं, जब पंजाब के क्षेत्र से होकर गुजरने वाले राजस्थान-जम्मू कश्मीर हाईवे के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा था। उस समय अनुप्रीत कौर रंधावा संबंधित क्षेत्र में तैनात थीं और भूमि अधिग्रहण व मुआवजा वितरण की जिम्मेदारी उनके पास थी। आरोप है कि पद का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने नियमों को ताक पर रख दिया और मुआवजे की राशि के वितरण में भारी फर्जीवाड़ा किया। जांच में सामने आया कि उन्होंने कुल 1.63 करोड़ रुपए का मुआवजा ऐसे रसूखदार और चहेते लोगों के खातों में ट्रांसफर करवा दिया, जिनके नाम पर उस क्षेत्र में एक इंच जमीन तक मौजूद नहीं थी। वास्तविक भूस्वामियों को हक से वंचित कर सरकारी खजाने को सीधे तौर पर चूना लगाया गया।
