भारतीय नौसेना का गश्ती पोत ‘आईएनएस सुनयना’ तीन-दिवसीय कूटनीतिक यात्रा पर श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पहुंचा
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- May 17, 2026
- 0
- 40
- 1 minute read
नई दिल्ली। हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी सामरिक संप्रभुता को अक्षुण्ण रखने और मित्र देशों के साथ रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से भारतीय नौसेना ने एक साथ दो मोर्चों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय नौसेना का अपतटीय गश्ती पोत ‘आईएनएस सुनयना’ जहां तीन-दिवसीय कूटनीतिक यात्रा पर श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पहुंच गया है, वहीं नौसेना का ही विशिष्ट महासागर अनुसंधान पोत ‘आईएनएस सागरध्वनि’ मलेशिया के पोर्ट क्लैंग में अपना सफल अभियान पूरा कर आगे के मिशन पर रवाना हो चुका है। नौसेना के ये दोनों अभियान यह साफ दर्शाते हैं कि भारत इस पूरे समुद्री क्षेत्र में एक प्रमुख सुरक्षा प्रदाता के रूप में अपनी वैश्विक जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहा है।
कोलंबो में आईएनएस सुनयना की तैनाती
श्रीलंकाई नौसेना से प्राप्त आधिकारिक जानकारियों के मुताबिक, भारतीय युद्धपोत ‘सुनयना’ अपनी महत्वाकांक्षी ‘आईओएस सागर’ (IOS SAGAR) पहल के तहत कोलंबो बंदरगाह पर लंगर डाल चुका है। यह पहल हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ निरंतर समुद्री सहयोग, सुरक्षा और आपसी तालमेल को मजबूत करने का भारत का एक बड़ा खाका है। वर्तमान में यह पोत भारत के अलावा 16 मित्र देशों के एक बहुराष्ट्रीय संयुक्त दल के साथ दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात है। भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2026 के इस विशेष अभियान के तहत बहुराष्ट्रीय दल स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया से संवाद स्थापित करेगा, जिसमें इस समुद्री मिशन की सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा होगी। इस ठहराव के दौरान जहाज को स्कूली बच्चों, श्रीलंकाई नौसैनिकों और कोलंबो में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी खोला जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध और मजबूत होंगे।
श्रीलंकाई नौसेना से प्राप्त आधिकारिक जानकारियों के मुताबिक, भारतीय युद्धपोत ‘सुनयना’ अपनी महत्वाकांक्षी ‘आईओएस सागर’ (IOS SAGAR) पहल के तहत कोलंबो बंदरगाह पर लंगर डाल चुका है। यह पहल हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ निरंतर समुद्री सहयोग, सुरक्षा और आपसी तालमेल को मजबूत करने का भारत का एक बड़ा खाका है। वर्तमान में यह पोत भारत के अलावा 16 मित्र देशों के एक बहुराष्ट्रीय संयुक्त दल के साथ दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात है। भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2026 के इस विशेष अभियान के तहत बहुराष्ट्रीय दल स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया से संवाद स्थापित करेगा, जिसमें इस समुद्री मिशन की सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा होगी। इस ठहराव के दौरान जहाज को स्कूली बच्चों, श्रीलंकाई नौसैनिकों और कोलंबो में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी खोला जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध और मजबूत होंगे।
