कैबिनेट बैठक में 14 खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी, कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को हरी झंडी

 कैबिनेट बैठक में 14 खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी, कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को हरी झंडी
नई दिल्ली। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दी है। सरकार ने वर्ष 2026-27 के विपणन सत्र के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि की है, ताकि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके। पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि सूरजमुखी के बीज (622 रुपये प्रति क्विंटल) के लिए, उसके बाद कपास (557 रुपये प्रति क्विंटल), नाइजरसीड (515 रुपये प्रति क्विंटल) और तिल (500 रुपये प्रति क्विंटल) के लिए अनुशंसित की गई है।
कोयला गैसीकरण की परियोजना के लिए 37,500 करोड़ मंजूर
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 37,500 करोड़ रुपये से कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की एक योजना को भी मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोदी कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, “कोयला गैसीकरण का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। गैस की आवश्यकता और भू-राजनीतिक स्थिति के अनुसार आत्मनिर्भर कैसे बनें?”
भारत में अगले 200 वर्षों के लिए कोयला भंडार मौजूद
उन्होंने कहा, “भारत में कोयले का प्रचुर भंडार है। अगले 200 वर्षों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत के पास पर्याप्त कोयला है। तो क्या हम उस कोयले का उपयोग करके गैस का उत्पादन कर सकते हैं? इस दिशा में अच्छा प्रयास किया जा रहा था और आज एक निर्णय लिया गया है – कोयला गैसीकरण योजना। कोयले से गैस का उत्पादन और फिर उस गैस से उर्वरक, कोयले से गैस का उत्पादन और फिर उस गैस से बिजली, कोयले से गैस का उत्पादन और फिर उस गैस से विभिन्न प्रकार के रसायन। यह एक बड़ा निर्णय है।”
सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी
वैष्णव ने बताया कि रेल मंत्रालय की लगभग 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाली अहमदाबाद (सरखेज) – धोलेरा अर्ध-उच्च गति दोहरी लाइन परियोजना को भी मंजूरी दी गई है। भारत की पहली सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना के रूप में, यह परियोजना एक अग्रणी परियोजना के रूप में काम करेगी और देश भर में सेमी हाई-स्पीड रेल के चरणबद्ध विस्तार के लिए एक संदर्भ मॉडल के रूप में कार्य करेगी।
यह स्वदेशी रूप से विकसित तकनीक से निर्मित भारतीय रेलवे की पहली अर्ध-उच्च गति परियोजना होगी। इस परियोजना खंड से अहमदाबाद, धोलेरा एसआईआर, आगामी धोलेरा हवाई अड्डे और लोथल राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर (एनएचएमसी) के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। अहमदाबाद को धोलेरा से जोड़ने से यात्रियों का यात्रा समय कम होगा, जिससे दैनिक आवागमन आरामदायक होगा और एक ही दिन में वापसी यात्रा संभव हो सकेगी।
नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का कायाकल्प
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, “केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत निजी भागीदार को शामिल करते हुए दीर्घकालिक लाइसेंस के जरिए नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उन्नयन और आधुनिकीकरण को मंजूरी दे दी है।”