HPCL ने FY26 में शानदार प्रदर्शन किया
मुनाफे में 133% उछाल; ₹19.25 प्रति शेयर लाभांश की घोषणा
मुंबई, 13 मई 2026। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 133 प्रतिशत बढ़कर ₹17,175 करोड़ हो गया, जबकि कंसोलिडेटेड PAT 168 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹18,047 करोड़ पहुंच गया। बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन, मजबूत संचालन और बढ़ती बिक्री ने इस प्रदर्शन को सहारा दिया।
कंपनी का कुल राजस्व FY26 में बढ़कर ₹4,78,543 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹4,66,346 करोड़ था। वहीं, सकल रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) भी बढ़कर US$ 8.79 प्रति बैरल हो गया, जो FY25 में US$ 5.74 प्रति बैरल था। चौथी तिमाही में भी कंपनी ने मजबूत नतीजे दर्ज किए, जहां PAT में 46 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली।
परिचालन के स्तर पर HPCL ने FY26 में 26.04 MMT का अब तक का सर्वाधिक रिफाइनरी थ्रूपुट हासिल किया। बिक्री मात्रा भी 3.3 प्रतिशत बढ़कर 51.45 MMT रही। पेट्रोल और डीजल की मांग में निरंतर वृद्धि के साथ LPG सेगमेंट में भी 5.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कंपनी ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए अपने डेट-इक्विटी अनुपात को 1.38 से घटाकर 0.80 कर लिया है, जो इसकी मजबूत बैलेंस शीट को दर्शाता है। साथ ही, निदेशक मंडल ने ₹10 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹19.25 के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है, जो पहले दिए गए ₹5 प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विस्तार के मोर्चे पर भी कंपनी ने प्रगति जारी रखी है। FY26 में ₹15,705 करोड़ का कैपेक्स किया गया, जिसमें रिफाइनिंग क्षमता, मार्केटिंग नेटवर्क और नई ऊर्जा पहलों पर जोर दिया गया।
HPCL राजस्थान रिफाइनरी परियोजना में भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, हालांकि अप्रैल 2026 में आग की एक घटना के बाद पुनः संचालन की प्रक्रिया जारी है।
ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में HPCL ने उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। कंपनी के 95 प्रतिशत से अधिक रिटेल आउटलेट अब नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित हैं और CNG व सोलर नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इसके अलावा, ग्रीन हाइड्रोजन, LNG और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी ने कई अहम समझौते किए हैं।
कुल मिलाकर, HPCL का FY26 प्रदर्शन मजबूत परिचालन, बेहतर मार्जिन और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किए गए निवेशों का संतुलित परिणाम माना जा रहा है।
