CBSE 12वीं में पास हुए 85.20 फीसदी छात्र, कथक में सोनाली ने पाए 100 में 100 अंक
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- May 14, 2026
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Political Trust Magazine
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 का परिणाम घोषित कर दिया है।
छात्र अब अपना रिजल्ट और मार्कशीट CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in और results.cbse.nic.in पर उपलब्ध डायरेक्ट लिंक के जरिए चेक कर सकते हैं। ऑनलाइन के साथ-साथ, छात्र बिना इंटरनेट के भी अपना परिणाम जाना।
17 लाख छात्रों ने दी परीक्षा
इस साल 17 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें से लगभग 16.8 लाख छात्र परीक्षा में बैठे. रिजल्ट में करीब 15 लाख छात्र सफल घोषित किए गए। इतनी बड़ी संख्या अपने आप में बताती है कि बोर्ड परीक्षा देश के सबसे बड़े शैक्षणिक आयोजनों में से एक है।
पास प्रतिशत में गिरावट
इस बार कुल पास प्रतिशत 85.20% रहा। पिछले साल यह आंकड़ा 88.39% था। यानी इस साल करीब 3.19% की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञ मानते हैं कि पेपर का स्तर, सख्त जांच और नई डिजिटल प्रक्रिया इस बदलाव के कारण हो सकते हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में छात्रों का पास होना यह भी दिखाता है कि मेहनत रंग लाई है।
लड़कियों का शानदार प्रदर्शन
हर साल की तरह इस बार भी बेटियों ने बाजी मारी। लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86% रहा, जबकि लड़कों का 82.13%। यानी बेटियां करीब 6.73% आगे रहीं। यह अंतर केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि बदलते समाज की तस्वीर है, जहां बेटियां शिक्षा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। मेरठ एमपीजीएस शास्त्रीनगर की सोनाली ने कथक में 100 में 100 अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया। कथक में सोनाली ने सबसे अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
दिल्ली का प्रदर्शन
दिल्ली का रिजल्ट भी संतोषजनक रहा।
दिल्ली ईस्ट: लगभग 91.73%
दिल्ली वेस्ट: लगभग 92.34%
ओवरऑल दिल्ली: करीब 91.97%
डिजिटल सिस्टम से हुआ बड़ा बदलाव
इस साल रिजल्ट प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत रही कॉपियों की जांच का नया तरीका। बोर्ड ने On-Screen Marking (OSM) सिस्टम लागू किया।
17 लाख छात्रों ने दी परीक्षा
इस साल 17 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें से लगभग 16.8 लाख छात्र परीक्षा में बैठे. रिजल्ट में करीब 15 लाख छात्र सफल घोषित किए गए। इतनी बड़ी संख्या अपने आप में बताती है कि बोर्ड परीक्षा देश के सबसे बड़े शैक्षणिक आयोजनों में से एक है।
पास प्रतिशत में गिरावट
इस बार कुल पास प्रतिशत 85.20% रहा। पिछले साल यह आंकड़ा 88.39% था। यानी इस साल करीब 3.19% की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञ मानते हैं कि पेपर का स्तर, सख्त जांच और नई डिजिटल प्रक्रिया इस बदलाव के कारण हो सकते हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में छात्रों का पास होना यह भी दिखाता है कि मेहनत रंग लाई है।
लड़कियों का शानदार प्रदर्शन
हर साल की तरह इस बार भी बेटियों ने बाजी मारी। लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86% रहा, जबकि लड़कों का 82.13%। यानी बेटियां करीब 6.73% आगे रहीं। यह अंतर केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि बदलते समाज की तस्वीर है, जहां बेटियां शिक्षा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। मेरठ एमपीजीएस शास्त्रीनगर की सोनाली ने कथक में 100 में 100 अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया। कथक में सोनाली ने सबसे अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
दिल्ली का प्रदर्शन
दिल्ली का रिजल्ट भी संतोषजनक रहा।
दिल्ली ईस्ट: लगभग 91.73%
दिल्ली वेस्ट: लगभग 92.34%
ओवरऑल दिल्ली: करीब 91.97%
डिजिटल सिस्टम से हुआ बड़ा बदलाव
इस साल रिजल्ट प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत रही कॉपियों की जांच का नया तरीका। बोर्ड ने On-Screen Marking (OSM) सिस्टम लागू किया।
