चुनाव के नतीजे आते ही हिंसा का तांडव, भाजपा कार्यकर्ता की पीटकर हत्या
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- May 6, 2026
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजे आते ही हिंसा का तांडव शुरू हो गया है। ताजा मामला बिधाननगर कमिश्नरेट के अंतर्गत राजारहाट-न्यू टाउन विधानसभा क्षेत्र का है, जहाँ भाजपा की जीत से बौखलाए तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थकों पर भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल (46 वर्ष) की पीट-पीटकर हत्या करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस घटना के बाद पूरे बालिगुड़ी और चक पचुरिया इलाके में तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस बल के साथ CRPF को तैनात किया गया है।
विजय जुलूस और झंडा लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, राजारहाट-न्यू टाउन सीट पर भाजपा प्रत्याशी पीयूष कानोडिया की 316 वोटों से जीत के बाद जश्न का माहौल था। मधु मंडल अपने घर के पास भाजपा का झंडा लगा रहे थे, तभी स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ता कमल मंडल से उनकी तीखी बहस हुई। आरोप है कि मधु मंडल को दोबारा उसी जगह बुलाया गया, जहां टीएमसी समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला बोल दिया।
सीने पर मारी लात, अस्पताल ले जाते समय मौत
प्रत्यक्षदर्शियों और भाजपा समर्थकों का आरोप है कि बहस के दौरान टीएमसी नेता और पंचायत समिति सदस्य कमल मंडल ने मधु को जोरदार धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद कमल ने उनके सीने पर पूरी ताकत से लात मारी, जिससे मधु मौके पर ही बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें ‘मृत घोषित’ कर दिया। भाजपा का दावा है कि हार की बौखलाहट में टीएमसी ने जानबूझकर उनके कार्यकर्ता को निशाना बनाया है।
जानकारी के अनुसार, राजारहाट-न्यू टाउन सीट पर भाजपा प्रत्याशी पीयूष कानोडिया की 316 वोटों से जीत के बाद जश्न का माहौल था। मधु मंडल अपने घर के पास भाजपा का झंडा लगा रहे थे, तभी स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ता कमल मंडल से उनकी तीखी बहस हुई। आरोप है कि मधु मंडल को दोबारा उसी जगह बुलाया गया, जहां टीएमसी समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला बोल दिया।
सीने पर मारी लात, अस्पताल ले जाते समय मौत
प्रत्यक्षदर्शियों और भाजपा समर्थकों का आरोप है कि बहस के दौरान टीएमसी नेता और पंचायत समिति सदस्य कमल मंडल ने मधु को जोरदार धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद कमल ने उनके सीने पर पूरी ताकत से लात मारी, जिससे मधु मौके पर ही बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें ‘मृत घोषित’ कर दिया। भाजपा का दावा है कि हार की बौखलाहट में टीएमसी ने जानबूझकर उनके कार्यकर्ता को निशाना बनाया है।
