अमेरिका में आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ा, ट्रंप को वोट देकर पछता रहे लोग

 अमेरिका में आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ा, ट्रंप को वोट देकर पछता रहे लोग

न्यूयार्क। अमेरिका में आम लोगों पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। किराना सामान, पेट्रोल, बिजली और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी ने लाखों परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि नए अमेरिकी टैरिफ और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जब अमेरिकी परिवार आर्थिक राहत महसूस करने लगे थे, तभी बढ़ती कीमतों ने उनकी मुश्किलें फिर बढ़ा दीं। इसका असर उपभोक्ता खर्च और आर्थिक विकास दोनों पर पड़ सकता है।

कैलिफोर्निया की रहने वाली महिला केटी पेरे ने कहा मैं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हूं। उन्होंने आगे कहा कि वह न्यूनतम वेतन पर सफाई कर्मचारी के रूप में काम करती हैं और अपने ऑटिस्टिक पोते की देखभाल भी करती हैं। उन्होंने कहा कि मैंने डोनाल्ड ट्रंप को वोट दिया था क्योंकि उन्होंने हालात बेहतर करने का वादा किया था, लेकिन अब मैं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हूं।

कैटी के अनुसार, पहले उनका मासिक खर्च लगभग 2,300 डॉलर था, जबकि उनकी आय 2,400 डॉलर थी। अब खर्च बढ़कर 2,500 डॉलर से ऊपर पहुंच गया है और गुजारा मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि परिवार और दोस्तों से जितना उधार मिल सकता था, ले चुकी हैं, लेकिन अब भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ईंधन और खाने का खर्च बढ़ा

क्रिश्चियन डेविटो नाम के 34 वर्षीय कर्मचारी, जो लॉस एंजिल्स के एक बड़े किराना स्टोर में हेल्थ एंड सेफ्टी विभाग में काम करते हैं, ने कहा कि पिछले तीन महीनों में उनके मासिक बिल कम से कम 15 फीसदी बढ़ गए हैं।

उन्होंने कहा कि काम पर आने-जाने का खर्च 50 डॉलर प्रति सप्ताह से बढ़कर 70 डॉलर से ज्यादा हो गया है। खाने और बिजली के बिल भी तेजी से बढ़े हैं। पहले फिल्मों और दूसरी चीजों पर कटौती की, अब खाने पर भी खर्च कम करना पड़ रहा है।

अमेरिका में महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किराना, पेट्रोल, बिजली और रोजमर्रा के खर्च तेजी से बढ़ने से परिवारों का बजट बिगड़ रहा है। कई लोगों ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप से राहत की उम्मीद थी, लेकिन नए टैरिफ और पश्चिम एशिया तनाव के कारण हालात और खराब हो गए।