श्रीनगर चिंतन शिविर में शारीरिक शिक्षा के भविष्य पर हुआ मंथन, खेल शिक्षा सुधार के लिए मिले ठोस नीतिगत सुझाव
दिनेश कुमार गौड़
नई दिल्ली: युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा 25 से 26 अप्रैल 2026 तक श्रीनगर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ‘चिंतन शिविर’ में देश को खेल महाशक्ति बनाने के लिए केंद्रीय युवा मामलें एवं खेल मंत्रालय तथा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों के बीच में मंथन हुआ. केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में इस शिविर में ‘श्रीनगर खेल संकल्प’ के माध्यम से राज्यों के साथ मिलकर खेल प्रशासन, प्रतिभा की पहचान और खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई।
इस चिंतन शिविर में फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पेफी) का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय सचिव प्रोफेसर (डॉ.) पीयूष जैन ने किया। डॉ. जैन ने देश भर के फिजिकल एजुकेशन पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करते हुए खेल शिक्षा के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस शिविर के दौरान, पेफी द्वारा हाल के वर्षों में नीति-निर्माण हेतु दी गई सिफारिशों और संगठन के “भारत की शिक्षा प्रणाली में शारीरिक शिक्षा और खेल शिक्षा की स्थिति पर राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण” के निष्कर्षों को खेल मंत्रालय द्वारा चिंतन शिविर के आधिकारिक प्रस्तुतियों का हिस्सा बनाया गया। यह सर्वेक्षण और इसके आधार पर तैयार किए गए रणनीतिक सुझाव जमीनी स्तर पर खेल शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रस्तुत किए गए। यह अत्यंत उल्लेखनीय है कि पेफी के इन शोध-आधारित सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर नीति-निर्माण के दौरान प्रमुखता दी गई, जो संगठन की बढ़ती प्रासंगिकता और विश्वसनीय योगदान को प्रमाणित करता है।

इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान, डॉ. पीयूष जैन ने विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों के साथ सार्थक संवाद किया और शारीरिक शिक्षा का खेल संस्कृति के विकास पर चर्चा की। इनमें उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव, त्रिपुरा के खेल मंत्री श्री टिंकू रॉय, और हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम प्रमुख रूप से शामिल थे। इन बैठकों में डॉ. जैन ने राज्यों के साथ मिलकर खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खेल शिक्षा के लिए एक एकीकृत ढांचा तैयार करने पर जोर दिया।
पेफी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पीयूष जैन ने कहा, “यह चिंतन शिविर केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बिठाने का एक शानदार मंच है। पेफी लगातार देश में शारीरिक शिक्षा को एक अनिवार्य और सम्मानित विषय के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे शोध और सिफारिशों को राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही स्वीकार्यता, खेल शिक्षा के भविष्य के प्रति हमारे समर्पण का प्रमाण है। फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया अपनी प्रगतिशील नीतियों के माध्यम से भारत में खेल और शारीरिक शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर योगदान दे रहा है और देश में एक मजबूत खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
