प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया निस्वार्थ सेवा के महत्व पर जोर

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया निस्वार्थ सेवा के महत्व पर जोर
 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को निस्वार्थ सेवा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह एक मजबूत और दयालु समाज की नींव है, साथ ही उन्होंने नागरिकों से सद्भावना के कार्यों के माध्यम से एक दूसरे को प्रेरित करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राष्ट्र की सच्ची शक्ति उसके नागरिकों की निस्वार्थ सेवा भावना में निहित है। यह लोगों को एक-दूसरे को प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित करता है, साथ ही हमारे समाज को और अधिक समृद्ध बनाता है।” प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया, जिसका अर्थ है: “पेड़ खुद तेज धूप सहन करते हैं, फिर भी दूसरों को छाया देते हैं। उनके फल भी दूसरों के लिए होते हैं।
पेड़ निस्वार्थ और नेक लोगों के समान हैं जो हमेशा दूसरों को आराम और सहायता प्रदान करते हैं।” वहीं इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चुनावी रैली से पहले पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर स्थित मतुआ ठाकुर मंदिर का दौरा किया, जहां उन्होंने मतुआ समुदाय की मुखिया बिनपानी देवी से हुई अपनी मुलाकात को याद किया। 2019 में अपने इस दौरे की एक तस्वीर साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें मंदिर की अपनी पिछली यात्रा के दौरान “बोरो मां” का आशीर्वाद प्राप्त करने की याद आ गई। ठाकुरनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने ओराकंडी की अपनी यात्रा के बारे में भी बात की और इसे एक बेहद भावुक अनुभव बताया।