दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना रोकने के लिए गाजियाबाद प्रशासन ने बनाया फूलप्रूफ प्लान
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बढ़ते सड़क हादसों और यातायात के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। एक्सप्रेसवे के किनारे अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को शून्य करने के लिए अब गाजियाबाद सीमा में दो विशेष होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। अब एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान यदि किसी को वाहन रोकना है, तो उसे केवल इन्हीं निर्धारित स्थानों का उपयोग करना होगा।
हादसों को रोकने के लिए बनेंगें ‘होल्डिंग एरिया’
गाजियाबाद के जिलाधिकारी एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार मांदड ने ये निर्देश जारी करते हुए कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर अक्सर देखा गया है कि वाहन चालक विश्राम करने या मोबाइल पर बात करने के लिए गाड़ी को किनारे खड़ा कर देते हैं। तेज रफ्तार कॉरिडोर होने के कारण पीछे से आने वाले वाहन इन खड़े वाहनों से टकरा जाते हैं, जिससे अब तक कई भीषण हादसे हो चुके हैं। इन दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए ही ‘होल्डिंग एरिया’ का कॉन्सेप्ट लाया गया है, जहां सुरक्षा मानकों के साथ पार्किंग की व्यवस्था होगी। गाजियाबाद के इस हिस्से में होल्डिंग एरिया के लिए जमीन और स्थान का चयन जल्द ही पूरा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अब एक्सप्रेसवे पर वाहन खड़ा करना न केवल खतरनाक होगा, बल्कि आपकी जेब पर भी भारी पड़ेगा।
नियम तोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि होल्डिंग एरिया बनने के बाद एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्ग या शोल्डर (किनारे) पर कोई भी वाहन खड़ा नहीं होगा। एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों और पेट्रोलिंग टीम के जरिए सड़क किनारे खड़े वाहनों की पहचान की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा और बार-बार गलती दोहराने पर वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।
यातायात होगा सुगम और सुरक्षित
होल्डिंग एरिया के निर्माण से न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि एक्सप्रेसवे पर यातायात का प्रवाह भी निर्बाध बना रहेगा। इन एरिया में बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा सकती हैं ताकि लंबी दूरी के यात्री सुरक्षित स्थान पर रुक सकें। परिवहन विभाग के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। होल्डिंग एरिया बनने से सड़क पर खड़े वाहनों की समस्या खत्म होगी और यात्रियों का सफर पहले से अधिक सुरक्षित होगा।
