विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल में हिंसा के बीच 89.93%, तमिलनाडु में 82.24% मतदान
- राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- April 23, 2026
- 0
- 35
- 1 minute read
Political Trust Magazine
कोलकाता/चेन्नई। विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में आज पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। पश्चिम बंगाल की 152 सीटों और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर हुए मतदान में भारी मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है। शाम 5:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, बंगाल में 89.93% और तमिलनाडु में 82.24% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालाँकि, बंगाल में यह उत्साह हिंसा और झड़पों की खबरों के बीच नजर आया।
बंगाल में सुरक्षाबलों को बनाया निशाना
बीरभूम जिले के दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र के खैरासोल घुमर गांव में उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब स्थानीय लोगों ने ड्यूटी पर तैनात CRPF जवानों पर पथराव कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल भेजा गया। वहीं, मालदा की चांचल सीट पर भाजपा उम्मीदवार रतन दास के पोलिंग एजेंट लक्ष्मण पांडेय की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई और उन पर हमले का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा है।
आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर रहमत नगर इलाके में पथराव हुआ, जिसमें गाड़ी के शीशे टूट गए। दूसरी ओर, हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम में टीएमसी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। राज्य मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा के पक्ष में काम कर रही है और चुनाव आयोग से दो अधिकारियों को हटाने की मांग की गई है।
बहरामपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव आयोग की सख्ती की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्पेशल ऑब्जर्वर सिस्टम (SIR) के कारण क्षेत्र में गुंडागर्दी में कमी आई है, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का माहौल बना है।
बंगाल के विपरीत, तमिलनाडु की 234 सीटों पर मतदान प्रक्रिया काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। राज्य में सुबह से ही पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें देखी गईं। शाम तक 82 प्रतिशत से अधिक मतदान ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहाँ मुख्य मुकाबला डीएमके और एआईएडीएमके के बीच माना जा रहा है।
दोनों राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दोनों राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बंगाल के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की गई। शाम 6 बजे के बाद भी कई बूथों पर मतदाताओं की कतारें देखी गईं, जिससे अंतिम मतदान प्रतिशत और बढ़ने की उम्मीद है। चुनाव आयोग अब दूसरे चरण की तैयारियों में जुट गया है।
बंगाल में सुरक्षाबलों को बनाया निशाना
बीरभूम जिले के दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र के खैरासोल घुमर गांव में उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब स्थानीय लोगों ने ड्यूटी पर तैनात CRPF जवानों पर पथराव कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल भेजा गया। वहीं, मालदा की चांचल सीट पर भाजपा उम्मीदवार रतन दास के पोलिंग एजेंट लक्ष्मण पांडेय की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई और उन पर हमले का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा है।
आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर रहमत नगर इलाके में पथराव हुआ, जिसमें गाड़ी के शीशे टूट गए। दूसरी ओर, हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम में टीएमसी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। राज्य मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा के पक्ष में काम कर रही है और चुनाव आयोग से दो अधिकारियों को हटाने की मांग की गई है।
बहरामपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव आयोग की सख्ती की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्पेशल ऑब्जर्वर सिस्टम (SIR) के कारण क्षेत्र में गुंडागर्दी में कमी आई है, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का माहौल बना है।
बंगाल के विपरीत, तमिलनाडु की 234 सीटों पर मतदान प्रक्रिया काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। राज्य में सुबह से ही पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें देखी गईं। शाम तक 82 प्रतिशत से अधिक मतदान ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहाँ मुख्य मुकाबला डीएमके और एआईएडीएमके के बीच माना जा रहा है।
दोनों राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दोनों राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बंगाल के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की गई। शाम 6 बजे के बाद भी कई बूथों पर मतदाताओं की कतारें देखी गईं, जिससे अंतिम मतदान प्रतिशत और बढ़ने की उम्मीद है। चुनाव आयोग अब दूसरे चरण की तैयारियों में जुट गया है।
