SRCC के 100वें वार्षिक दिवस पर उपराज्यपाल संधू का संबोधन, कहा-शिक्षा और कार्यक्षेत्र के बीच बने सेतु

 SRCC के 100वें वार्षिक दिवस पर उपराज्यपाल संधू का संबोधन, कहा-शिक्षा और कार्यक्षेत्र के बीच बने सेतु

डाॅ सुधा शर्मा पुष्प

नई दिल्ली –दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) ने अपना 100वां वार्षिक दिवस समारोह भव्य रूप से मनाया। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि SRCC को अपनी मजबूत नींव और भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण के साथ शिक्षा जगत और व्यावहारिक कार्यक्षेत्र के बीच एक सशक्त सेतु की भूमिका निभानी चाहिए।
उपराज्यपाल ने कहा कि अपनी दूसरी शताब्दी में प्रवेश कर रहा यह प्रतिष्ठित संस्थान नवाचार, उत्तरदायित्व और नीति-प्रासंगिक शोध के माध्यम से देश के बदलते परिदृश्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल जानकारी तक सीमित न रहकर चरित्र निर्माण, रचनात्मकता और गहन चिंतन को भी बढ़ावा देना होगा।
श्रीधर श्रीराम सभागार में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और राष्ट्रगीत से हुई। इसके बाद कॉलेज की प्राचार्या प्रो. सिमरित कौर ने स्वागत भाषण में संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कॉलेज अंतरविषयक शिक्षा, वैश्विक जुड़ाव और नेतृत्व विकास पर लगातार ध्यान दे रहा है।
कॉलेज के गवर्निंग बॉडी अध्यक्ष अजय एस. श्रीराम ने संस्थान की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए इसे आगे बढ़ाने की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया। उन्होंने शैक्षणिक ढांचे के विस्तार, छात्राओं के छात्रावास, शोध और उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसी प्राथमिकताओं का जिक्र किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार और इंडिया टीवी के अध्यक्ष रजत शर्मा ने SRCC से अपने जुड़ाव और पत्रकारिता तक के सफर को साझा किया। उन्होंने कॉलेज के पूर्व छात्रों के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान को रेखांकित करते हुए इसे एक स्थायी परिवार बताया।
इस अवसर पर कॉलेज की पत्रिकाओं ‘यमुना’, ‘बिजनेस एनालिस्ट’ और ‘स्ट्राइड’ का लोकार्पण किया गया। साथ ही, पूर्व छात्रों और 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।