पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग, ये दिग्गज भी हैं मैदान में
- राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- April 23, 2026
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Political Trust Magazine
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आज गुरुवार (23 अप्रैल) को विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान जारी है। इस चरण में राज्य की 294 में से 152 सीटों पर वोटिंग हो रही है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच होने का अनुमान है। हालांकि, कभी बंगाल की सत्ता पर राज करने वाली कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) भी मुकाबले में हैं। इन दलों ने भी अलग-अलग चुनाव लड़ते हुए कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इस बार चुनाव में ये खास चेहरे और खास मुकाबले?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कई हाई-प्रोफाइल और दिग्गज नेता चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और कांग्रेस के पांच बार के सांसद अधीर रंजन चौधरी तक का नाम है।
शुभेंदु अधिकारी: नंदीग्राम में 2021 की ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा के मुख्य चेहरे शुभेंदु अधिकारी इस बार नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। नंदीग्राम में पहले चरण में मतदान है। यहां उनका सीधा मुकाबला कभी उनके करीबी रहे और अब टीएमसी उम्मीदवार पबित्रा कर से है।
अधीर रंजन चौधरी: कांग्रेस के दिग्गज नेता और पांच बार के सांसद अधीर रंजन चौधरी 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद अब विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वह बहरामपुर सीट से भाजपा के मौजूदा विधायक सुब्रत मैत्रा को चुनौती दे रहे हैं।
दिलीप घोष: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष खड़गपुर सदर से अपनी वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उनका कड़ा मुकाबला टीएमसी के प्रदीप सरकार से है, जिन्होंने 2019 के उपचुनाव में यह सीट जीती थी।
अग्निमित्रा पॉल: भाजपा की एक और प्रमुख नेता, जो अपनी मौजूदा आसनसोल दक्षिण सीट बचाने के लिए मैदान में हैं। उनके खिलाफ टीएमसी ने वरिष्ठ नेता तापस बनर्जी को उतारा है।
निशीथ प्रमाणिक: पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तर बंगाल में भाजपा के प्रभावशाली नेता। उन्होंने अपनी पुरानी सीट दिनहाटा छोड़ दी है और इस बार माथाभांगा सीट से टीएमसी के सब्लू बर्मन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
उदयन गुहा: टीएमसी के राज्य मंत्री, जो निशीथ प्रमाणिक के जाने के बाद दिनहाटा सीट पर पार्टी का कब्जा बनाए रखने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।
हुमायूं कबीर: टीएमसी के पूर्व मंत्री, जिन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। अब वह अपनी नई पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी के बैनर तले डोमकल सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
जाकिर हुसैन: ‘बीड़ी किंग’ के नाम से मशहूर टीएमसी उम्मीदवार जाकिर हुसैन जंगीपुर से मैदान में हैं। घोषित 133 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ वह इस चुनाव के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं।
कृष्णा कल्याणी: रायगंज सीट से टीएमसी के उम्मीदवार। उन्होंने 2024 में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी लेकिन बाद में पाला बदल लिया। उनका मुकाबला भाजपा के कौशिक चौधरी से है।
सुब्रत दत्ता: टीएमसी के टिकट पर ओन्दा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, वह उन उम्मीदवारों में शामिल हैं जिन पर सबसे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनके अलावा बालुरघाट, ओन्दा, दार्जिलिंग और जंगीपुर सीटों पर भी सीमावर्ती मुद्दों, गोरखालैंड की क्षेत्रीय मांग और आपराधिक व धनबल वाले उम्मीदवारों की वजह से कड़ी और दिलचस्प टक्कर देखने को मिल सकती है।http://Politicaltrust.in
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कई हाई-प्रोफाइल और दिग्गज नेता चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और कांग्रेस के पांच बार के सांसद अधीर रंजन चौधरी तक का नाम है।
शुभेंदु अधिकारी: नंदीग्राम में 2021 की ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा के मुख्य चेहरे शुभेंदु अधिकारी इस बार नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। नंदीग्राम में पहले चरण में मतदान है। यहां उनका सीधा मुकाबला कभी उनके करीबी रहे और अब टीएमसी उम्मीदवार पबित्रा कर से है।
अधीर रंजन चौधरी: कांग्रेस के दिग्गज नेता और पांच बार के सांसद अधीर रंजन चौधरी 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद अब विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वह बहरामपुर सीट से भाजपा के मौजूदा विधायक सुब्रत मैत्रा को चुनौती दे रहे हैं।
दिलीप घोष: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष खड़गपुर सदर से अपनी वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उनका कड़ा मुकाबला टीएमसी के प्रदीप सरकार से है, जिन्होंने 2019 के उपचुनाव में यह सीट जीती थी।
अग्निमित्रा पॉल: भाजपा की एक और प्रमुख नेता, जो अपनी मौजूदा आसनसोल दक्षिण सीट बचाने के लिए मैदान में हैं। उनके खिलाफ टीएमसी ने वरिष्ठ नेता तापस बनर्जी को उतारा है।
निशीथ प्रमाणिक: पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तर बंगाल में भाजपा के प्रभावशाली नेता। उन्होंने अपनी पुरानी सीट दिनहाटा छोड़ दी है और इस बार माथाभांगा सीट से टीएमसी के सब्लू बर्मन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
उदयन गुहा: टीएमसी के राज्य मंत्री, जो निशीथ प्रमाणिक के जाने के बाद दिनहाटा सीट पर पार्टी का कब्जा बनाए रखने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।
हुमायूं कबीर: टीएमसी के पूर्व मंत्री, जिन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। अब वह अपनी नई पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी के बैनर तले डोमकल सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
जाकिर हुसैन: ‘बीड़ी किंग’ के नाम से मशहूर टीएमसी उम्मीदवार जाकिर हुसैन जंगीपुर से मैदान में हैं। घोषित 133 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ वह इस चुनाव के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं।
कृष्णा कल्याणी: रायगंज सीट से टीएमसी के उम्मीदवार। उन्होंने 2024 में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी लेकिन बाद में पाला बदल लिया। उनका मुकाबला भाजपा के कौशिक चौधरी से है।
सुब्रत दत्ता: टीएमसी के टिकट पर ओन्दा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, वह उन उम्मीदवारों में शामिल हैं जिन पर सबसे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनके अलावा बालुरघाट, ओन्दा, दार्जिलिंग और जंगीपुर सीटों पर भी सीमावर्ती मुद्दों, गोरखालैंड की क्षेत्रीय मांग और आपराधिक व धनबल वाले उम्मीदवारों की वजह से कड़ी और दिलचस्प टक्कर देखने को मिल सकती है।http://Politicaltrust.in
