नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के गिरने पर सियासी घमासान
- उत्तर प्रदेश राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- April 21, 2026
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Political Trust Magazine
लखनऊ। संसद में विपक्ष के विरोध के चलते नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक गिरने के बाद अब इस मुद्दे पर सियासी घमासान छिड़ गया है। विपक्ष जहां अपने विरोध को जायज ठहराने के लिए विधेयक के प्रविधानो की खामियों को गिना रहा है। वहीं, भाजपा विपक्ष को इस मुद्दे पर घेरकर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जमीन को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दिया है।
इसी के तहत योगी सरकार ने इस मुद्दे पर 30 अप्रैल को विधानमंडल का सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। चूंकि सत्र बुलाने के लिए सदस्यों को न्यूनतम सात दिन पहले सूचना दी जानी आवश्यक है इसलिए सरकार ने सत्र बुलाने के प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए स्वीकृति दी। अब यह प्रस्ताव राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
दरअसल, नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पारित न हो पाने पर भाजपा आक्रामक रूप से विपक्ष पर हमलावर हो गई है। रविवार को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कान्फ्रेंस कर विपक्ष को घेरते हुए कहा था कि संसद में संशोधन विधेयक पेश होने के दौरान विरोधी दलों का चरित्र भरी सभा में द्रौपदी के चीरहरण जैसा था। यह महिला सम्मान एवं लोकतंत्र दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। अब सरकार विधानसभा में भी इस मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की तैयारी कर रही है।
इसी के तहत योगी सरकार ने इस मुद्दे पर 30 अप्रैल को विधानमंडल का सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। चूंकि सत्र बुलाने के लिए सदस्यों को न्यूनतम सात दिन पहले सूचना दी जानी आवश्यक है इसलिए सरकार ने सत्र बुलाने के प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए स्वीकृति दी। अब यह प्रस्ताव राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
दरअसल, नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पारित न हो पाने पर भाजपा आक्रामक रूप से विपक्ष पर हमलावर हो गई है। रविवार को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कान्फ्रेंस कर विपक्ष को घेरते हुए कहा था कि संसद में संशोधन विधेयक पेश होने के दौरान विरोधी दलों का चरित्र भरी सभा में द्रौपदी के चीरहरण जैसा था। यह महिला सम्मान एवं लोकतंत्र दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। अब सरकार विधानसभा में भी इस मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की तैयारी कर रही है।
