वित्त वर्ष 2026 कारों और ट्रैक्टरों की बिक्री के लिए शानदार
- कारोबार दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- April 4, 2026
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नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर जानी-मानी रेटिंग एजेंसी ICRA ने अपनी नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल वित्त वर्ष 2026 के लिए कारों और ट्रैक्टरों की बिक्री शानदार रहने वाली है, लेकिन अगले साल (वित्त वर्ष 2027 में) इनकी ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है। आइए इसे आसान और प्वाइंट्स में समझते हैं।
अगर हम पैसेंजर वाहन यानी कारों के बाजार की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में इनकी थोक बिक्री 7% से 9% तक बढ़ने का अनुमान है। इस शानदार ग्रोथ के पीछे त्योहारों पर गाड़ियों की भारी डिमांड, जीएसटी दरों में हुई कटौती और बाजार में कई नए मॉडल्स की लॉन्चिंग जैसी मुख्य वजहें शामिल हैं। हालांकि, वित्त वर्ष 2027 में इस ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है और यह 4% से 6% के बीच रहने का अनुमान है। दरअसल, पिछले कुछ समय में गाड़ियों की बिक्री पहले ही इतने ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है कि आगे ग्रोथ का यह प्रतिशत स्वाभाविक रूप से थोड़ा कम नजर आ सकता है। वहीं, बाजार के बदलते ट्रेंड पर नजर डालें तो भारतीय ग्राहक अब प्रीमियम और बड़ी गाड़ियों की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुल कारों की बिक्री में लगभग 67% हिस्सा अकेले यूटिलिटी व्हीकल्स (SUV/UV) का है। इन सबके अलावा, पारंपरिक पेट्रोल-डीजल के साथ ही लोग अब तेजी से सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को भी अपना रहे हैं, जिससे ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों की पसंद और विकल्पों का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुल कारों की बिक्री में लगभग 67% हिस्सा अकेले यूटिलिटी व्हीकल्स (SUV/UV) का है। इन सबके अलावा, पारंपरिक पेट्रोल-डीजल के साथ ही लोग अब तेजी से सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को भी अपना रहे हैं, जिससे ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों की पसंद और विकल्पों का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
