ओडिशा में गिरफ्तार हुए भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत, देर रात रिहा
- अन्य राज्य राष्ट्रीय
Political Trust
- March 31, 2026
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भुवनेश्वर। भुवनेश्वर में किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे राकेश टिकैत और सांसद सुधाकर सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में गिरफ्तारी की खबर से देश में हलचल मच गई। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भुवनेश्वर में चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने जा रहे टिकैत और उनके साथ मौजूद बिहार के सांसद सुधाकर सिंह को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया। हालांकि, भारी विरोध और सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद देर रात उन्हें रिहा कर दिया गया।
राकेश टिकैत ने खुद सोशल मीडिया पर अपनी गिरफ्तारी की जानकारी साझा की, जिसके बाद किसान संगठनों और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई। टिकैत ने बताया कि वह 22 मार्च से जल, जंगल और जमीन के मुद्दों को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक लिया।
मुजफ्फरनगर में भी नाराजगी:
टिकैत की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित देशभर के भाकियू कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। मुजफ्फरनगर भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो भाकियू शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
रिहाई के बाद टिकैत की अपील
देर रात रिहा होने के बाद राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया कि उन्हें किस तरह के हालात में रोका गया था। उन्होंने थानों और सड़कों पर डटे किसानों से धैर्य बनाए रखने और फिलहाल धरना समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों का संघर्ष अपने हक की लड़ाई के लिए जारी रहेगा।
मुजफ्फरनगर में भी नाराजगी:
टिकैत की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित देशभर के भाकियू कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। मुजफ्फरनगर भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो भाकियू शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
रिहाई के बाद टिकैत की अपील
देर रात रिहा होने के बाद राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया कि उन्हें किस तरह के हालात में रोका गया था। उन्होंने थानों और सड़कों पर डटे किसानों से धैर्य बनाए रखने और फिलहाल धरना समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों का संघर्ष अपने हक की लड़ाई के लिए जारी रहेगा।
