अमेरिका का तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमला, तेल-ऊर्जा के बाद शिक्षण संस्थान निशाने पर
- दिल्ली राष्ट्रीय विदेश
Political Trust
- March 29, 2026
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तेहरान। ईरान पूरी पश्चिम एशिया में सबकुछ तबाह करने पर तुला है? तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। पहले तेल और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया, अब अमेरिकी और इस्राइली विश्वविद्यालयों पर भी हमला होने की चेतावनी दी जा रही है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका और इस्राइल से जुड़े विश्वविद्यालयों को लेकर बड़ा और सख्त बयान जारी किया है। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में स्थित अमेरिकी और इस्राइली विश्वविद्यालय अब वैध निशाना बन सकते हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी के अनुसार, IRGC ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इस्राइल ने हाल के दिनों में ईरान के शैक्षणिक संस्थानों और सांस्कृतिक ढांचे को निशाना बनाया है।
ईरान के विश्वविद्यालयों पर हमले का आरोप
IRGC ने अपने बयान में दावा किया कि तेहरान स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर बमबारी की गई। संगठन ने इसे बार-बार किया जा रहा हमला बताते हुए अमेरिकी-इस्राइली ताकतों पर गंभीर आरोप लगाए। बयान में कहा गया कि यदि यह हमले नहीं रुके, तो पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी और इस्राइली विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा सकता है।
छात्रों और स्टाफ के लिए चेतावनी
आईआरजीसी ने इन विश्वविद्यालयों के छात्रों, शिक्षकों और आसपास रहने वाले लोगों को भी चेतावनी दी है। संगठन ने सलाह दी है कि लोग इन परिसरों से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखें, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही आईआरजीसी ने अमेरिका से मांग की है कि वह 30 मार्च (तेहरान समय) तक ईरानी विश्वविद्यालयों पर हमलों की निंदा करे, अन्यथा जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी के अनुसार, IRGC ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इस्राइल ने हाल के दिनों में ईरान के शैक्षणिक संस्थानों और सांस्कृतिक ढांचे को निशाना बनाया है।
ईरान के विश्वविद्यालयों पर हमले का आरोप
IRGC ने अपने बयान में दावा किया कि तेहरान स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर बमबारी की गई। संगठन ने इसे बार-बार किया जा रहा हमला बताते हुए अमेरिकी-इस्राइली ताकतों पर गंभीर आरोप लगाए। बयान में कहा गया कि यदि यह हमले नहीं रुके, तो पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी और इस्राइली विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा सकता है।
छात्रों और स्टाफ के लिए चेतावनी
आईआरजीसी ने इन विश्वविद्यालयों के छात्रों, शिक्षकों और आसपास रहने वाले लोगों को भी चेतावनी दी है। संगठन ने सलाह दी है कि लोग इन परिसरों से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखें, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही आईआरजीसी ने अमेरिका से मांग की है कि वह 30 मार्च (तेहरान समय) तक ईरानी विश्वविद्यालयों पर हमलों की निंदा करे, अन्यथा जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
