ईरान के हमले में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इस्राइल में भयंकर धुंआ
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 29, 2026
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तेहरान। पश्चिम एशिया का युद्धक्षेत्र दिन-ब-दिन और भयानक होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से क्षेत्र में आग का तूफान है। दूसरी ओर ईरान ने भी खाड़ी देशों मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इस्राइल में भयंकर और सटीक हमला कर चारों तरफ धुंआ-धुंआ कर रखा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब 30वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल काबू से बाहर है। इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), ईरानी सेना और तेहरान के मध्यपूर्वी सहयोगियों द्वारा किए गए हमलों के विभिन्न ठिकानों की जानकारी दी। टीवी ने बताया कि IRGC ने “लॉन्ग-रेंज और मीडियम-रेंज ठोस और तरल ईंधन वाले सिस्टम और हमलावर ड्रोन का इस्तेमाल करके इस्राइल और अन्य स्थानों में इस्राइली-अमेरिकी विरोधी उद्योगों को निशाना बनाया।” IRGC ने दावा किया कि उसने एक अमेरिकी MQ9 ड्रोन को मार गिराया और एक F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया।
फलस्तीनी कैदियों और रिहा किए गए कैदियों के मामलों की संस्था और फलस्तीनी कैदी समाज ने बताया कि 8 जनवरी को गिरफ्तार किए गए मारवान फाथी हरज़ल्लाह की इस्राइल के मेगिडो जेल में मौत हो गई।
हरज़ल्लाह उन 100 से अधिक फलस्तीनी कैदियों में शामिल हैं, जो अक्तूबर 2024 से इस्राइली जेलों और हिरासत केंद्रों में मारे गए हैं, जब इस्राइल ने गाजा पर अपने युद्ध की शुरुआत की थी। वफा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, 1995 में इस्राइली बलों ने हरज़ल्लाह पर गोली चलाई थी, जिससे उनकी एक टांग कट गई थी।
हरज़ल्लाह उन 100 से अधिक फलस्तीनी कैदियों में शामिल हैं, जो अक्तूबर 2024 से इस्राइली जेलों और हिरासत केंद्रों में मारे गए हैं, जब इस्राइल ने गाजा पर अपने युद्ध की शुरुआत की थी। वफा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, 1995 में इस्राइली बलों ने हरज़ल्लाह पर गोली चलाई थी, जिससे उनकी एक टांग कट गई थी।
