इच्छामृत्यु पाए हरीश राणा का दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित शवदाह गृह में दाह संस्कार संपन्न

 इच्छामृत्यु पाए हरीश राणा का दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित शवदाह गृह में दाह संस्कार संपन्न
नई दिल्ली। यूथेनेशिया (इच्छामृत्यु) की अनुमति पाने वाले देश के पहले व्यक्ति हरीश राणा का अंतिम संस्कार आज राजधानी दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित शवदाह गृह में संपन्न हुआ। इस विपत्ति की घड़ी में हरीश के परिजन और उनकी सोसायटी के निवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। हरीश के निधन की खबर मिलते ही उनकी सोसायटी में मातम पसर गया, और हर कोई हरीश राणा व उनके परिवार की हिम्मत की सराहना करता दिखा। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सोसायटी से कई लोग दिल्ली पहुंचे, जिन्होंने पूरे सम्मान के साथ हरीश को विदाई दी।
मूल रूप से, परिवार ने हरीश की अंतिम यात्रा गाजियाबाद से निकालने और हिंडन घाट स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करने की योजना बनाई थी। हालांकि, मेडिकेटेड बॉडी और कुछ अन्य चिकित्सीय कारणों के चलते डॉक्टरों ने दिल्ली में ही अंतिम संस्कार करने की सलाह दी। इसी सलाह के आधार पर, परिवार ने ग्रीन पार्क स्थित शवदाह गृह को अंतिम संस्कार के लिए चुना।
असहनीय दर्द और शारीरिक अक्षमता से जूझ रहे हरीश के मामले में, उनके माता-पिता ने दिल्ली उच्च न्यायालय में इच्छामृत्यु की अपील की थी, जिसे 8 जुलाई 2025 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद, परिवार ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, और 11 मार्च 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने हरीश को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति देकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। यह फैसला भारत में इच्छामृत्यु से जुड़े कानूनी और नैतिक बहसों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।