बिल जमा करने के दो घंटे में आपूर्ति शुरू नहीं होने पर विभाग को देना होगा मुआवजा
- उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय
Political Trust
- March 22, 2026
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लखनऊ। निगेटिव बैलेंस में कटे कनेक्शन के मामले में बिल जमा करने के दो घंटे में आपूर्ति शुरू नहीं होती है तो पॉवर कॉर्पोरेशन को प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये मुआवजा देना होगा। ये व्यवस्था को अनिवार्य करने की तैयारी है। विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाए गए यूपीईआरसी स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन 2019 में यह प्रावधान है।
दरअसल, स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले विद्युत उपभोक्ता का बैलेंस निगेटिव होते ही कनेक्शन काट दिया जाता है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन बिल जमा करने के दो घंटे में नहीं जुड़ता है वे मुआवजे के हकदार हैं। नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के अधिकार स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं और बिजली कंपनियों को उनका पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मोड वाले करीब 70 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर 1400 करोड़ से अधिक का निगेटिव बैलेंस दिखाया जा रहा है।
ऐसे में यदि उपभोक्ता द्वारा बकाया जमा करने के बाद भी तय समय में आपूर्ति बहाल नहीं होती है तो उपभोक्ताओं को मुआवजा दिया जाना चाहिए। वर्मा ने कहा, बिजली आपूर्ति न होने पर भी मुआवजा देने का नियम है। पॉवर कॉर्पोरेशन अपने सिस्टम में इस कानून को भी लागू करने की व्यवस्था ऑटोमेटिक तरीके से तुरंत करे।
रिचार्ज करने की अपील
वर्मा ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिनके बैलेंस नेगेटिव में है वे शीघ्र रिचार्ज कर लें। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से समय से बकाए का भुगतान करने की अपील की।
पुराने बकाया का भुगतान करने पर मिलेगी बिजली
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई सख्त व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब केवल माइनस बैलेंस भरने से कनेक्शन चालू नहीं होगा, बल्कि पुराने बकाये का भुगतान भी अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक मीटर का बैलेंस प्लस में नहीं आएगा, तब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी।
पोस्टपेड मीटर को हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। एसडीओ शहर उपेंद्र चौरसिया ने बताया अब पुराने बिलों की वसूली भी इसी प्रणाली से जुड़ गई है। ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता रिचार्ज कराता है, तो उसका एक हिस्सा स्वतः ही बकाया राशि में समायोजित हो जाएगा और शेष राशि ही उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगी। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक उपभोक्ता का बकाया समाप्त नहीं हो जाता।
ऐसे होगी बकाया वसूली
10 हजार रुपये तक बकाया पर हर रिचार्ज में 10 प्रतिशत कटौती
10 से 15 हजार रुपये तक बकाया पर 15 प्रतिशत कटौती
15 से 20 हजार रुपये तक बकाया पर 20 प्रतिशत कटौती
20 हजार रुपये से अधिक बकाया पर 25 प्रतिशत कटौती
घरेलू के अलावा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं से हर रिचार्ज पर 25 प्रतिशत कटौती
नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं में नाराजगी
नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि पुराने बकाये की कटौती से बार-बार रिचार्ज करना पड़ रहा है। कई बार रिचार्ज के बाद भी बिजली आपूर्ति चालू नहीं होती, जिससे परेशानी बढ़ रही है।
ऐसे में यदि उपभोक्ता द्वारा बकाया जमा करने के बाद भी तय समय में आपूर्ति बहाल नहीं होती है तो उपभोक्ताओं को मुआवजा दिया जाना चाहिए। वर्मा ने कहा, बिजली आपूर्ति न होने पर भी मुआवजा देने का नियम है। पॉवर कॉर्पोरेशन अपने सिस्टम में इस कानून को भी लागू करने की व्यवस्था ऑटोमेटिक तरीके से तुरंत करे।
रिचार्ज करने की अपील
वर्मा ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिनके बैलेंस नेगेटिव में है वे शीघ्र रिचार्ज कर लें। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से समय से बकाए का भुगतान करने की अपील की।
पुराने बकाया का भुगतान करने पर मिलेगी बिजली
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई सख्त व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब केवल माइनस बैलेंस भरने से कनेक्शन चालू नहीं होगा, बल्कि पुराने बकाये का भुगतान भी अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक मीटर का बैलेंस प्लस में नहीं आएगा, तब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी।
पोस्टपेड मीटर को हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। एसडीओ शहर उपेंद्र चौरसिया ने बताया अब पुराने बिलों की वसूली भी इसी प्रणाली से जुड़ गई है। ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता रिचार्ज कराता है, तो उसका एक हिस्सा स्वतः ही बकाया राशि में समायोजित हो जाएगा और शेष राशि ही उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगी। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक उपभोक्ता का बकाया समाप्त नहीं हो जाता।
ऐसे होगी बकाया वसूली
10 हजार रुपये तक बकाया पर हर रिचार्ज में 10 प्रतिशत कटौती
10 से 15 हजार रुपये तक बकाया पर 15 प्रतिशत कटौती
15 से 20 हजार रुपये तक बकाया पर 20 प्रतिशत कटौती
20 हजार रुपये से अधिक बकाया पर 25 प्रतिशत कटौती
घरेलू के अलावा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं से हर रिचार्ज पर 25 प्रतिशत कटौती
नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं में नाराजगी
नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि पुराने बकाये की कटौती से बार-बार रिचार्ज करना पड़ रहा है। कई बार रिचार्ज के बाद भी बिजली आपूर्ति चालू नहीं होती, जिससे परेशानी बढ़ रही है।
