भारत-अफ्रीका ऊर्जा सहयोग को नई दिशा, भारत विद्युत शिखर सम्मेलन में रणनीतिक बैठक आयोजित

 भारत-अफ्रीका ऊर्जा सहयोग को नई दिशा, भारत विद्युत शिखर सम्मेलन में रणनीतिक बैठक आयोजित

नई दिल्ली- भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 के तीसरे दिन राजधानी में भारत-अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने की। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत और अफ्रीकी देशों के मंत्रियों, नीति निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भाग लेकर ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार, ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण और लचीलापन तथा संस्थागत क्षमता निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने यह स्पष्ट किया कि भारत के अनुभव और अफ्रीका की अपार संभावनाओं को मिलाकर सस्ती, विश्वसनीय और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सकती है। साथ ही निवेश आधारित सहयोग, तकनीकी हस्तांतरण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया, जिससे दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिल सके।
मनोहर लाल ने अपने संबोधन में कहा कि ऊर्जा आर्थिक प्रगति और अवसरों के विस्तार का आधार है और ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ जैसी पहल वैश्विक ऊर्जा कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत और अफ्रीका, जो विश्व की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, समान विकास लक्ष्यों को साझा करते हैं और यह साझेदारी केवल लेन-देन नहीं बल्कि परिवर्तनकारी सहयोग का उदाहरण है।
उन्होंने भारत की ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों और नवीकरणीय ऊर्जा में तेजी से हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अनुभव अफ्रीका के लिए उपयोगी मॉडल बन सकता है। केन्या ट्रांसमिशन परियोजना जैसे उदाहरणों के माध्यम से भारत और अफ्रीका के बीच सहयोग की सफलता को भी रेखांकित किया गया।

राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने कहा कि भारत-अफ्रीका साझेदारी को अब क्रियान्वयन के स्तर पर ले जाने की आवश्यकता है और ऊर्जा पहुंच को आर्थिक परिवर्तन के प्रमुख साधन के रूप में देखा जाना चाहिए। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहयोग और साझेदारी को इस संबंध का मूल आधार बताते हुए ऊर्जा प्रबंधन, डिजिटल गवर्नेंस और कृषि सहयोग को इसके महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
अफ्रीका50 के सीईओ अलैन एबोबिसे ने कहा कि अफ्रीका सहायता नहीं बल्कि प्रभावी और लाभकारी निवेश की अपेक्षा करता है और इसके लिए परियोजनाओं के विकास तथा निजी निवेश को बढ़ावा देना जरूरी है। वहीं मलावी की ऊर्जा मंत्री डॉ. जीन माथांगा ने नवीकरणीय ऊर्जा, सौर और पवन परियोजनाओं तथा स्मार्ट ग्रिड और विद्युतीकरण में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया।
यह रणनीतिक साझेदारी ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देते हुए अफ्रीकी देशों में ऊर्जा पहुंच को मजबूत करने, क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ाने और दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।