होर्मुज संकट के बीच ईरान का तेल निर्यात जारी, चुनिंदा जहाजों को निकलने की अनुमति

 होर्मुज संकट के बीच ईरान का तेल निर्यात जारी, चुनिंदा जहाजों को निकलने की अनुमति
तेहरान। पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य, भले ही लगभग ठप हो गया हो, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। समुद्री और व्यापारिक आंकड़ों के मुताबिक 1 से 15 मार्च के बीच करीब 90 जहाज, जिनमें 16 तेल टैंकर शामिल हैं, इस जलमार्ग को पार करने में सफल रहे।हालांकि युद्ध शुरू होने के बाद से यहां जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। पहले जहां रोजाना 100 से 135 जहाज गुजरते थे, अब यह संख्या बेहद सीमित हो गई है। इस दौरान करीब 20 जहाजों पर हमले भी हुए हैं, जिससे जोखिम और बढ़ गया है।
ट्रेड डेटा प्लेटफॉर्म केप्लर के मुताबिक, चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है, जबकि कई जहाज डार्क ट्रांजिट यानी बिना ट्रैकिंग के पश्चिमी प्रतिबंधों से बचते हुए गुजर रहे हैं।
भारत-पाकिस्तान के जहाज भी निकले सुरक्षित
हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान से जुड़े जहाज भी इस खतरनाक मार्ग को पार करने में सफल रहे हैं। भारत के शिपिंग कॉरपोरेशन के एलपीजी कैरियर शिवालिक और नंदा देवी 13-14 मार्च के आसपास जलडमरूमध्य से गुजरे। बताया जा रहा है कि इसके लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की गई थी। वहीं पाकिस्तान का तेल टैंकर कराची भी इस मार्ग से गुजर चुका है और सुरक्षित पहुंचने की उम्मीद जताई गई है।
सेफ कॉरिडोर का संकेत, चीन फैक्टर भी अहम
समुद्री विश्लेषकों के अनुसार, कुछ जहाज ईरान के तट के पास से गुजरते हुए सुरक्षित कॉरिडोर का इस्तेमाल कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह भी है कि कई जहाज खुद को चीन से जुड़ा या चीनी क्रू वाला बता रहे हैं, ताकि हमलों से बचा जा सके क्योंकि चीन और ईरान के रिश्ते अपेक्षाकृत बेहतर हैं।