रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 65 पैसे टूटकर 92.18 पर पहुंचा
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय मुद्रा पर साफ दिखा। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख ने दबाव बढ़ाया। महंगे आयात की आशंका से व्यापार संतुलन को लेकर चिंता गहराई।
पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से निवेशकों का भरोसा टूटता दिखा। इसके चलते बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 69 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.18 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.05 पर खुला और जल्द ही गिरकर 92.18 प्रति डॉलर के शुरुआती निचले स्तर तक पहुंच गया। यह अपने पिछले बंद स्तर 91.49 के मुकाबले 69 पैसे की गिरावट दर्शाता है। गौरतलब है कि मंगलवार को होली की वजह से विदेशी मुद्रा बाजार बंद था।
पश्चिम एशिया संकट और ब्रेंट क्रूड की कीमतों से बढ़ा दबाव
फॉरेक्स कारोबारियों के अनुसार, ईरान संकट के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से घरेलू मुद्रा पर भारी दबाव बना है। वायदा कारोबार में ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है। वहीं, विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और महंगे आयात से व्यापार संतुलन पर पड़ने वाले संभावित असर की आशंका भी रुपये पर दबाव बना रही है।
छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.03 प्रतिशत बढ़कर 99.08 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा में 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82.22 डॉलर प्रति बैरल पर था।
