मध्य-पूर्व की बदलती स्थिति के बीच भारत पूरी तरह तैयार – ऊर्जा आपूर्ति मजबूत

 मध्य-पूर्व की बदलती स्थिति के बीच भारत पूरी तरह तैयार – ऊर्जा आपूर्ति मजबूत

कच्चे तेल और पेट्रोलियम की विविध स्रोतों से खरीद; 24×7 कंट्रोल रूम से आपूर्ति की निगरानी
नई दिल्ली- मध्य-पूर्व में हाल ही में शुरू हुई शत्रुतापूर्ण घटनाओं और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में हो रहे बदलावों के मद्देनज़र पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश की ऊर्जा तैयारियों को लेकर मीडिया को जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक, चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का पाँचवाँ सबसे बड़ा निर्यातक है। देश के पास कच्चे तेल तथा पेट्रोल, डीज़ल और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) सहित प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे मध्य-पूर्व से उत्पन्न संभावित अल्पकालिक आपूर्ति व्यवधानों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाकर उपलब्धता और वहनीयता दोनों सुनिश्चित की है। भारतीय ऊर्जा कंपनियों को अब ऐसे वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों तक पहुंच प्राप्त है जो होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर नहीं गुजरते। ऐसे कार्गो की उपलब्धता बनी रहेगी और यदि होरमुज़ मार्ग से आने वाली आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित होती है तो उसका प्रभाव कम किया जा सकेगा।

ऊर्जा आपूर्ति और भंडार की स्थिति पर सतत निगरानी के लिए मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और स्टॉक की स्थिति पर नजर रख रहा है। वर्तमान में सरकार भंडार की स्थिति को लेकर आश्वस्त है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगातार निगरानी के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध उपाय किए जाएंगे, जिससे किसी भी संभावित स्थिति का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।