पाक के नूर खान बेस पर हमला, 35 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- March 2, 2026
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कराची। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। पिछले चार दिनों से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया, अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई से दोनों पड़ोसी देशों के बीच हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमले रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर हुए। इसके अलावा बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वीं डिवीजन के मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई कैंप पर भी बमबारी की गई। तालिबान का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तान के कई अन्य जरूरी सैन्य कमांड सेंटरों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह ऑपरेशन पाकिस्तानी सेना की हालिया घुसपैठ का बदला है। पाकिस्तान ने पिछले दिनों काबुल और बगराम एयरबेस पर हमले किए थे। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने फिर से अफगान हवाई सीमा का उल्लंघन किया या कोई आक्रामक हरकत की, तो उसे और भी कड़ा और निर्णायक जवाब मिलेगा।
यह तनाव तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का एलान कर दिया। पाकिस्तान ने शुक्रवार को काबुल और कंधार में एयरस्ट्राइक की थीं। इसके कुछ घंटों बाद ही अफगान सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पाकिस्तान की वायुसेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसे मई 2025 में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय भी निशाना बनाया गया था। उस हमले में बेस के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह ऑपरेशन पाकिस्तानी सेना की हालिया घुसपैठ का बदला है। पाकिस्तान ने पिछले दिनों काबुल और बगराम एयरबेस पर हमले किए थे। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने फिर से अफगान हवाई सीमा का उल्लंघन किया या कोई आक्रामक हरकत की, तो उसे और भी कड़ा और निर्णायक जवाब मिलेगा।
यह तनाव तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का एलान कर दिया। पाकिस्तान ने शुक्रवार को काबुल और कंधार में एयरस्ट्राइक की थीं। इसके कुछ घंटों बाद ही अफगान सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पाकिस्तान की वायुसेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसे मई 2025 में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय भी निशाना बनाया गया था। उस हमले में बेस के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा था।
