सुभारती विश्वविद्यालय में “अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व” की घोषणा

 सुभारती विश्वविद्यालय में “अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व” की घोषणा

राष्ट्र-चरित्र एवं इतिहास-गौरव जागृति हेतु विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय ने राष्ट्र-चरित्र निर्माण और इतिहास-गौरव जागृति के उद्देश्य से 21 अक्टूबर 2026 को “अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व” के आयोजन की घोषणा की है। विश्वविद्यालय का मूल मंत्र “राष्ट्र सर्वप्रथम” केवल एक उदघोष नहीं, बल्कि एक जीवंत जीवन-मूल्य के रूप में संस्थान की कार्यसंस्कृति में समाहित है।
विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित भव्य शहीद स्मारक इसकी राष्ट्रनिष्ठ भावना का प्रतीक है। यह अद्वितीय स्मारक स्वतंत्रता संग्राम के आज़ाद हिन्द सेना के वीर शहीदों तथा स्वतंत्रता के पश्चात देश की रक्षा में बलिदान देने वाले सशस्त्र सेनाओं के अमर जवानों की स्मृति को समर्पित है। प्रत्येक शहीद के नाम पर लगाया गया एक-एक वृक्ष उनके सर्वोच्च बलिदान की अमिट याद दिलाता है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
संस्थान के विभिन्न भवनों और परिसरों का नामकरण भी महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं राष्ट्रनायकों के नाम पर किया गया है, जैसे- सरदार पटेल सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, गुरु तेग बहादुर ऑडिटोरियम तथा छत्रपति शिवाजी अस्पताल। यह नामकरण विश्वविद्यालय की राष्ट्रप्रथम भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है।
विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, नैतिक मूल्यों, चिंतनशीलता और सृजनात्मकता के विकास के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहे हैं। संस्थान की कार्यसंस्कृति ‘शिक्षा, सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रीयता’ के चार स्तंभों पर आधारित है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
“अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व” के अंतर्गत वाद-विवाद, निबंध लेखन, चित्रकला (पेंटिंग) एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिताओं का विषय “राष्ट्रीय चरित्र, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, आज़ाद हिन्द सेना एवं स्वाधीनता आंदोलन” निर्धारित किया गया है। इन आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, समर्पण, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करना तथा स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के प्रति ज्ञान और गौरव की भावना जागृत करना है।
यह प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित होगी। प्रथम चरण विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर संपन्न होगा, जिसमें चयनित प्रतिभागी द्वितीय चरण हेतु विश्वविद्यालय परिसर में आमंत्रित किए जाएंगे। प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र एवं ‘सु-भारत कार्ड’ प्रदान किए जाएंगे। अंतिम चरण के विजेताओं को विशेष सम्मान एवं पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा, जबकि सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि 21 अक्टूबर को प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया जाना चाहिए। यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी में स्वाधीनता, साहस और राष्ट्र निर्माण की चेतना जागृत करने का एक प्रेरक अभियान है।
महापर्व के प्रमुख आयोजक कर्नल राजेश त्यागी (सेना मेडल, सेवा निवृत्त) ने देशवासियों से आह्वान किया है कि वे राष्ट्र सेवा के इस अभियान से जुड़ें।