इंडियन ओशन नेवल सिंपोजियम की कमान भारत के हाथ, 30 से अधिक देशों के बीच सहयोग
विशाखापत्तनम। भारत ने इंडियन ओशन नेवल सिंपोजियम (आईओएनएस) की अध्यक्षता संभाल ली है। इसका एलान वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने 9वें कॉन्क्लेव में किया। भारत अब समुद्री सुरक्षा और शांति के लिए नेतृत्व करेगा। इस मंच में 25 देश शामिल हैं जो समुद्री चुनौतियों, पाइरेसी और आपदाओं से निपटने के लिए मिलकर काम करते हैं।
नौसेना के डिप्टी चीफ वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने शुक्रवार को एक बहुत ही महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया भारत ने यहां हो रहे 9वें कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स के दौरान इंडियन ओशन नेवल सिंपोजियम (आईओएनएस) की अध्यक्षता संभाल ली है।
वाइस एडमिरल सोबती ने कहा कि भारत इस मंच का नेतृत्व संभालते ही एक बड़ी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार है। भारत का मुख्य उद्देश्य समुद्री इलाकों में शांति, स्थिरता और सुरक्षा पक्की करना है। उन्होंने बताया कि आज के समय में समुद्री चुनौतियां सभी देशों के लिए लगभग एक जैसी हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए हिंद महासागर क्षेत्र की नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल, बेहतर संचार और मिलजुलकर काम करने की जरूरत है।
क्या है आईओएनएस
इंडियन ओशन नेवल सिंपोजियम एक स्वैच्छिक पहल है। इसका मकसद हिंद महासागर के तटीय देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाना है। यह मंच समुद्री मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक खुला माहौल देता है। इसमें नौसेना के पेशेवर आपस में जानकारी साझा करते हैं ताकि समस्याओं की समझ विकसित हो और मिलकर हल निकाले जा सकें।
