ट्रिपल मर्डर केस: तीन हत्या कर किया तंत्रमंत्र, चढ़ाईं मालाएं; कमरुद्दीन पर खुलासा
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- February 15, 2026
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हुए ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी तांत्रिक ने तीन हत्या के बाद फिरोजाबाद में अपने घर में बने तंत्र कक्ष में तीन मालाएं चढ़ाईं थीं। फिरोजाबाद में तंत्र साधना के कमरे में दीवार पर बने तीन प्रतीकों पर मालाएं टंगी मिलीं। घर में रहने वाले किराएदारों ने दबी जुबां में कहा कि हत्याकांड से एक सप्ताह पहले कमरुद्दीन फिरोजाबाद आया था।
दिल्ली के पीरागढ़ी में सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी तांत्रिक कमरुद्दीन न केवल एक शातिर अपराधी है, बल्कि उसकी धार्मिक कट्टरपंथ की जड़ें बेहद गहरी हैं। दिल्ली में तीन लोगों की जहरीला लड्डू देकर हत्या करने के बाद रामगढ़ के अजमेरी गेट निवासी कमरुद्दीन ने अपने परिजन से संपर्क किया। तंत्र साधना वाले कमरे में दीवार पर तीन काले रंग के प्रतीक बनवाए और उन पर फूल मालाएं चढ़वाईं थीं।
बृहस्पतिवार को जब दिल्ली पुलिस जांच के लिए यहां आई तो उसे भी तंत्र कक्ष में दीवार पर काले रंग से बने तीन रहस्यमयी काले प्रतीकों पर ये मालाएं टंगी मिली हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि उसने इन हत्याओं को किसी तांत्रिक अनुष्ठान की तरह अंजाम दिया।
दिल्ली में 8 फरवरी को उसने वारदात को अंजाम दिया था। इससे पहले वह फिरोजाबाद आया था। घर में रहने वाले किराएदार दबी जुबां में बोले, दिल्ली हत्याकांड से एक सप्ताह पहले कमरुद्दीन आया था।
कमरुद्दीन के पड़ोसी बताते हैं कि उसके पिता भी नसरुद्दीन भी यहीं रहते थे। उस वक्त परिवार गरीब था। कमरुद्दीन चार भाई हैं। कमरुद्दीन ने शुरुआत में टेंट और शटरिंग का काम किया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 20 साल पहले उसने बसई मोहम्मदपुर स्थित एक दरगाह पर जाना शुरू किया, जिसके बाद वह पूरी तरह तंत्र-मंत्र की दुनिया में उतर गया। धीरे-धीरे उसने तांत्रिक के रूप में अपनी पहचान बनाई और लोगों को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया।
संपत्ति जुटाई फिर गाजियाबाद को बनाया ठिकाना
तंत्र-मंत्र के काले कारोबार और धार्मिक कट्टरपंथ से कमरुद्दीन ने फिरोजाबाद में करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली। उसने अजमेरी गेट पर ही तीन मकान बना लिए, जिनमें उसके पांच बेटों के परिवार और किराएदार रहते हैं। इसके अलावा एक मैरिज होम बना लिया।
अपनी बढ़ती गतिविधियों और रसूख को फैलाने के लिए उसने सात साल पहले गाजियाबाद के लोनी में अपना नया ठिकाना बनाया। पड़ोसियों के अनुसार, कमरुद्दीन के यहां ज्यादा लोगों का आनाजाना शुरू हुआ तो उसने पड़ोसियों से बात करना बंद कर दिया। पड़ोसियों से अपने काम के बारे में कुछ भी नहीं बताता था।
बृहस्पतिवार को जब दिल्ली पुलिस जांच के लिए यहां आई तो उसे भी तंत्र कक्ष में दीवार पर काले रंग से बने तीन रहस्यमयी काले प्रतीकों पर ये मालाएं टंगी मिली हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि उसने इन हत्याओं को किसी तांत्रिक अनुष्ठान की तरह अंजाम दिया।
दिल्ली में 8 फरवरी को उसने वारदात को अंजाम दिया था। इससे पहले वह फिरोजाबाद आया था। घर में रहने वाले किराएदार दबी जुबां में बोले, दिल्ली हत्याकांड से एक सप्ताह पहले कमरुद्दीन आया था।
कमरुद्दीन के पड़ोसी बताते हैं कि उसके पिता भी नसरुद्दीन भी यहीं रहते थे। उस वक्त परिवार गरीब था। कमरुद्दीन चार भाई हैं। कमरुद्दीन ने शुरुआत में टेंट और शटरिंग का काम किया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 20 साल पहले उसने बसई मोहम्मदपुर स्थित एक दरगाह पर जाना शुरू किया, जिसके बाद वह पूरी तरह तंत्र-मंत्र की दुनिया में उतर गया। धीरे-धीरे उसने तांत्रिक के रूप में अपनी पहचान बनाई और लोगों को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया।
संपत्ति जुटाई फिर गाजियाबाद को बनाया ठिकाना
तंत्र-मंत्र के काले कारोबार और धार्मिक कट्टरपंथ से कमरुद्दीन ने फिरोजाबाद में करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली। उसने अजमेरी गेट पर ही तीन मकान बना लिए, जिनमें उसके पांच बेटों के परिवार और किराएदार रहते हैं। इसके अलावा एक मैरिज होम बना लिया।
अपनी बढ़ती गतिविधियों और रसूख को फैलाने के लिए उसने सात साल पहले गाजियाबाद के लोनी में अपना नया ठिकाना बनाया। पड़ोसियों के अनुसार, कमरुद्दीन के यहां ज्यादा लोगों का आनाजाना शुरू हुआ तो उसने पड़ोसियों से बात करना बंद कर दिया। पड़ोसियों से अपने काम के बारे में कुछ भी नहीं बताता था।
