इंडिया एनर्जी वीक 2026 में केर्न ऑयल एंड गैस ने दिखाई अपतटीय तकनीकों की ताकत

 इंडिया एनर्जी वीक 2026 में केर्न ऑयल एंड गैस ने दिखाई अपतटीय तकनीकों की ताकत

गोवा। इंडिया एनर्जी वीक 2026 के दौरान केर्न एरिना में केर्न ऑयल एंड गैस ने अपतटीय तेल और गैस अन्वेषण से जुड़ी अपनी प्रमुख तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। ये उपलब्धियाँ राष्ट्रीय डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन के तहत कंपनी के बढ़ते प्रयासों को दर्शाती हैं, जिनका उद्देश्य देश में घरेलू तेल और गैस उत्पादन को बढ़ाना है।

कार्यक्रम में बताया गया कि केर्न ऑयल एंड गैस पूर्वी और पश्चिमी तट पर गहरे और उथले समुद्री क्षेत्रों में अपने ब्लॉकों का विकास तेज़ी से कर रही है। इसी क्रम में कंपनी ने पूर्वी तट के कृष्णा-गोदावरी बेसिन में भारत के शुरुआती 3डी सीएसईएम सर्वेक्षणों में से एक को पूरा किया है। यह आधुनिक तकनीक समुद्र के नीचे मौजूद तेल और गैस की पहचान को अधिक सटीक बनाती है और इससे भविष्य में ड्रिलिंग से जुड़े जोखिम कम होंगे।
इसके साथ ही केर्न ऑयल एंड गैस ने पश्चिमी तट पर भारत का पहला सब-सी टेम्पलेट भी सफलतापूर्वक स्थापित किया है। यह एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि है, जिससे अपतटीय परियोजनाओं का विकास कम समय और कम लागत में संभव हो सकेगा। यह कार्य गुजरात की खंभात की खाड़ी में स्थित आंबे ब्लॉक में किया गया।
कंपनी का कहना है कि उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल से अपतटीय क्षेत्रों में काम को अधिक सुरक्षित, तेज़ और प्रभावी बनाया जा रहा है। ये पहलें न केवल भारत में तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने में मदद करेंगी, बल्कि देश की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में भी अहम भूमिका निभाएंगी।