विमान हादसे में देश के इन नेताओं की जा चुकी है जान, तीन रह चुके हैं मुख्यमंत्री पद पर काबिज
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- January 28, 2026
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नई दिल्ली। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार समेत छह लोगों की विमान हादसे में जान चली गई है। ये पहला मामला नहीं है। जबकि विमान हादसे में किसी बड़े नेता की जान गई हो। इससे पहले भी देश के नेताओं की विमान हादसे में जान जा चुकी है। इनमें जून 2025 में विमान हादसे में विजय रुपाणी का नाम भी शामिल है। जिनकी 7 महीने बाद एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया था। भारत के इतिहास में 7 बड़े नेता हैं, जो विमान हादसे में मारे गए। इनमें 3 मुख्यमंत्री के पद पर रह चुके हैं। इनमें 3 (बलवंतराय मेहता, डोरजी खांडू और वाई राजशेखर रेड्डी) मुख्यमंत्री पद पर काबिज थे।
जून 2025 में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का निधन विमान हादसे में हो गया था।
किन-किन नेताओं की हो चुकी है मौत?
बलवंतराय मेहता- 1963 से 1965 तक गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 1965 के युद्ध के दौरान मेहता कच्छ के रण में निरीक्षण के लिए उड़ान भर रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तान ने उनके विमान को मार गिराया। इस दुर्घटना में मेहता, मेहता की पत्नी, उनके तीन कर्मचारी, एक पत्रकार और दो चालक दल के सदस्यों की मृत्यु हो गई. मेहता पहले बड़े राजनेता थे, जिनकी मृत्यु विमान हादसे में हुई।
संजय गांधी- 23 जून 1980 को कांग्रेस के तत्कालीन सांसद संजय गांधी दिल्ली में विमान उड़ाने के लिए निकले। संजय को विमान उड़ाने का शौक था। संजय जब सुबह 10 बजे विमान लेकर उड़े, तभी एक करतब दिखाते वक्त उनका विमान क्रैश हो गया। संजय के साथ-साथ इस हादसे में उनके सहयात्री सुभाष सक्सेना की भी मौत हो गई।
माधवराव सिंधिया- कांग्रेस के कद्दावर नेता माधवराव सिंधिया का भी निधन विमान हादसे में हुआ था। 30 सितंबर 2001 को सिंधिया कानपुर की एक रैली में भाग लेने जा रहे थे। इसी दौरान इटावा के आउट एरिया में उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सिंधिया की मौत हो गई। सिंधिया उस वक्त 56 साल के थे।
जीएमसी बालयोगी- गंती मोहना चंद्र बालयोगी का निधन लोकसभा अध्यक्ष पद पर रहते हुए हो गया था। दरअसल, बालयोगी की मृत्यु एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हो गई। साल 2002 में आंध्र में एक कार्यक्रम में जाने के दौरान उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। इस हादसे में बालयोगी के सुरक्षा अधिकारी डी. सत्य राजू और पायलट कैप्टन जी.वी. मेनन की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
वाई राजशेखर रेड्डी- आंध्र में 2009 में एक और हादसा हुआ। इस बार हादसे का शिकार मुख्यमंत्री वाई राजशेखर रेड्डी हुए। दरअसल, सितंबर 2009 में रेड्डी अपने अधिकारियों के साथ आंध्र के नल्लामाला इलाके से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। कई मीडिया में यह भी दावा किया गया कि उनके हेलिकॉप्टर को नक्सलियों ने मार गिराया होगा। हालांकि, सरकार ने इस दावे को उस वक्त खारिज कर दिया था।
विजय रुपाणी- 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान के बाद एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया। इस विमान में विजय रुपाणी भी सवार थे। रुपाणी गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री थे। शाम को जब मृतकों की लिस्ट आई, तो उसमें विजय रुपाणी का भी नाम शामिल था। रुपाणी अपने परिवार के लोगों से मिलने के लिए लंदन जा रहे थे।
डोरजी खांडू- अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री डोरजी खांडू का भी निधन साल 2011 में प्लेन हादसे में ही हो गया था। खांडू उस वक्त 56 साल के थे। खांडू तवांग से राजधानी इटानगर की तरफ जा रहे थे। तभी उनका विमान लापता हो गया।
किन-किन नेताओं की हो चुकी है मौत?
बलवंतराय मेहता- 1963 से 1965 तक गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 1965 के युद्ध के दौरान मेहता कच्छ के रण में निरीक्षण के लिए उड़ान भर रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तान ने उनके विमान को मार गिराया। इस दुर्घटना में मेहता, मेहता की पत्नी, उनके तीन कर्मचारी, एक पत्रकार और दो चालक दल के सदस्यों की मृत्यु हो गई. मेहता पहले बड़े राजनेता थे, जिनकी मृत्यु विमान हादसे में हुई।
संजय गांधी- 23 जून 1980 को कांग्रेस के तत्कालीन सांसद संजय गांधी दिल्ली में विमान उड़ाने के लिए निकले। संजय को विमान उड़ाने का शौक था। संजय जब सुबह 10 बजे विमान लेकर उड़े, तभी एक करतब दिखाते वक्त उनका विमान क्रैश हो गया। संजय के साथ-साथ इस हादसे में उनके सहयात्री सुभाष सक्सेना की भी मौत हो गई।
माधवराव सिंधिया- कांग्रेस के कद्दावर नेता माधवराव सिंधिया का भी निधन विमान हादसे में हुआ था। 30 सितंबर 2001 को सिंधिया कानपुर की एक रैली में भाग लेने जा रहे थे। इसी दौरान इटावा के आउट एरिया में उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सिंधिया की मौत हो गई। सिंधिया उस वक्त 56 साल के थे।
जीएमसी बालयोगी- गंती मोहना चंद्र बालयोगी का निधन लोकसभा अध्यक्ष पद पर रहते हुए हो गया था। दरअसल, बालयोगी की मृत्यु एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हो गई। साल 2002 में आंध्र में एक कार्यक्रम में जाने के दौरान उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। इस हादसे में बालयोगी के सुरक्षा अधिकारी डी. सत्य राजू और पायलट कैप्टन जी.वी. मेनन की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
वाई राजशेखर रेड्डी- आंध्र में 2009 में एक और हादसा हुआ। इस बार हादसे का शिकार मुख्यमंत्री वाई राजशेखर रेड्डी हुए। दरअसल, सितंबर 2009 में रेड्डी अपने अधिकारियों के साथ आंध्र के नल्लामाला इलाके से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। कई मीडिया में यह भी दावा किया गया कि उनके हेलिकॉप्टर को नक्सलियों ने मार गिराया होगा। हालांकि, सरकार ने इस दावे को उस वक्त खारिज कर दिया था।
विजय रुपाणी- 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान के बाद एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया। इस विमान में विजय रुपाणी भी सवार थे। रुपाणी गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री थे। शाम को जब मृतकों की लिस्ट आई, तो उसमें विजय रुपाणी का भी नाम शामिल था। रुपाणी अपने परिवार के लोगों से मिलने के लिए लंदन जा रहे थे।
डोरजी खांडू- अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री डोरजी खांडू का भी निधन साल 2011 में प्लेन हादसे में ही हो गया था। खांडू उस वक्त 56 साल के थे। खांडू तवांग से राजधानी इटानगर की तरफ जा रहे थे। तभी उनका विमान लापता हो गया।
