राष्ट्रपति मुर्मू के भाषण के साथ संसद का बजट सत्र आज से शुरू, विपक्ष की मांग को सरकार ने किया खारिज
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- January 28, 2026
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नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज बुधवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट भी पेश किया जाएगा। इस सत्र के भी हंगामेदार होने के आसार लग रहे हैं। सत्र की शुरुआत आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण से होगी। सत्र के शुरू होने से पहले सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक कर विपक्ष से सहयोग की अपील की, हालांकि VB-G RAM G एक्ट और SIR प्रक्रिया पर फिर से चर्चा की मांग की ठुकरा दिया। सरकार का कहना है कि “हम गियर को रिवर्स नहीं कर सकते”।
संसद के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर कल मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में 39 राजनीतिक दलों के मंत्रियों सहित 51 नेताओं ने हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। राष्ट्रपति मुर्मू के आज लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ बजट सत्र शुरू होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी और रविवार 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी।
सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने नाराज
इससे पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान, कांग्रेस की ओर से जयराम रमेश और CPI(M) की ओ से जॉन ब्रिटास समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने सत्र के लिए सरकारी कामकाज के सर्कुलेशन न होने पर आपत्ति जताई, इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह उचित समय पर किया जाएगा।
बैठक के बारे में सूत्रों ने बताया कि विपक्षी सांसद वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR), MGNREGA योजना की जगह लेने वाले नई रोजगार गारंटी पर VB-G RAM G कानून, अमेरिका के भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ, विदेश नीति से जुड़े मामलों, वायु प्रदूषण पर चिंताओं और अर्थव्यवस्था की वर्तमान हालात सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा कराना चाहते थे। हालांकि सरकार की ओर से मनरेगा के नाम बदलने और एसआईआर से जुड़े मसलों पर बहस की मांग को ठुकरा दिया।
2 हिस्से में संसद का बजट सत्र
बजट सत्र के बारे में केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बताया कि बजट सत्र 2 हिस्से में होगा। पहले हिस्से में सरकार का फोकस राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और बजट पर बहस पर होगा। सत्र का पहला हिस्सा 13 फरवरी को खत्म होगा। जबकि तीन हफ्ते के ब्रेक के बाद, संसद 9 मार्च को फिर से शुरू होगी। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को शुरू होगा और सरकारी कामकाज की जरूरतों के हिसाब से, सत्र 2 अप्रैल, को खत्म हो सकता है। वहीं देश के कई राज्यों में जारी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस नेता और राज्यसभा में व्हिप नसीर हुसैन ने कहा, “यह एक घमंडी सरकार है। विपक्ष की ओर से इस मसले को उठाने और सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों और फैसलों के बावजूद, जिस तरह से यह सरकार SIR को लेकर बर्ताव कर रही है और आगे बढ़ रही है, हमारा मानना है कि SIR मुद्दे को बड़े लेवल पर उठाने की जरूरत है।”
सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने नाराज
इससे पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान, कांग्रेस की ओर से जयराम रमेश और CPI(M) की ओ से जॉन ब्रिटास समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने सत्र के लिए सरकारी कामकाज के सर्कुलेशन न होने पर आपत्ति जताई, इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह उचित समय पर किया जाएगा।
बैठक के बारे में सूत्रों ने बताया कि विपक्षी सांसद वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR), MGNREGA योजना की जगह लेने वाले नई रोजगार गारंटी पर VB-G RAM G कानून, अमेरिका के भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ, विदेश नीति से जुड़े मामलों, वायु प्रदूषण पर चिंताओं और अर्थव्यवस्था की वर्तमान हालात सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा कराना चाहते थे। हालांकि सरकार की ओर से मनरेगा के नाम बदलने और एसआईआर से जुड़े मसलों पर बहस की मांग को ठुकरा दिया।
2 हिस्से में संसद का बजट सत्र
बजट सत्र के बारे में केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बताया कि बजट सत्र 2 हिस्से में होगा। पहले हिस्से में सरकार का फोकस राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और बजट पर बहस पर होगा। सत्र का पहला हिस्सा 13 फरवरी को खत्म होगा। जबकि तीन हफ्ते के ब्रेक के बाद, संसद 9 मार्च को फिर से शुरू होगी। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को शुरू होगा और सरकारी कामकाज की जरूरतों के हिसाब से, सत्र 2 अप्रैल, को खत्म हो सकता है। वहीं देश के कई राज्यों में जारी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस नेता और राज्यसभा में व्हिप नसीर हुसैन ने कहा, “यह एक घमंडी सरकार है। विपक्ष की ओर से इस मसले को उठाने और सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों और फैसलों के बावजूद, जिस तरह से यह सरकार SIR को लेकर बर्ताव कर रही है और आगे बढ़ रही है, हमारा मानना है कि SIR मुद्दे को बड़े लेवल पर उठाने की जरूरत है।”
