प्रयागराज में शंकराचार्य शिविर में आधी रात लगे ‘योगी जिंदाबाद’ के नारों से तनाव

 प्रयागराज में शंकराचार्य शिविर में आधी रात लगे ‘योगी जिंदाबाद’ के नारों से तनाव
प्रयागराज। संगम तट पर आयोजित माघ मेले में सुविधाओं को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चला आ रहा विवाद अब हिंसक रूप अख्तियार करता जा रहा है। शनिवार रात करीब आधा दर्जन युवकों ने शंकराचार्य के शिविर में घुसने की कोशिश की और ‘मुख्यमंत्री योगी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और प्रदर्शनकारी युवकों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई।
जान का खतरा और CCTV की निगरानी
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि शंकराचार्य की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के लोग और कुछ ‘अराजक तत्व’ संत के वेश में रेकी कर रहे हैं। खतरे को देखते हुए शिविर के भीतर और बाहर तत्काल 12 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। पांडे का कहना है कि जब संदेहास्पद लोग पकड़े जाते हैं, तो वे नोटिस देने का बहाना बनाते हैं।
सपा का समर्थन: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस विवाद पर सरकार को घेरते हुए कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद ने ‘नकली सनातनियों’ की पोल खोल दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा विपक्ष और सच्चा सनातनी समाज शंकराचार्य के साथ है।
डिप्टी सीएम पर बयान: इससे पहले शुक्रवार को शंकराचार्य ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को एक ‘सुलझा हुआ नेता’ बताते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री उसे होना चाहिए जो अपनी गलतियों को स्वीकार करे और अफसरों की लापरवाही को समझे।
छह दिनों से जारी है गतिरोध
विवाद की मुख्य जड़ जमीन आवंटन और मूलभूत सुविधाएं हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले छह दिनों से अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत भी बिगड़ गई थी, लेकिन उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर, डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने उन्हें ‘प्रणाम’ करते हुए स्नान करने की प्रार्थना की है, लेकिन प्रशासन के रवैये में कोई ठोस बदलाव नहीं दिख रहा है।