कोलकाता एनआईए कोर्ट का फैसला, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी को 10 साल की सजा

 कोलकाता एनआईए कोर्ट का फैसला, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी को 10 साल की सजा

कोलकाता। कोलकाता की एनआईए अदालत ने पश्चिम बंगाल में युवाओं को लश्कर-ए-तैयबा में भर्ती करने की साजिश में शामिल सैयद एम. इदरीस को दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे 10 साल की कठोर कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

इस साजिश का मकसद पश्चिम बंगाल में मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के लिए भर्ती करना था। अदालत ने कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के रहने वाले सैयद एम. इदरीस को इस मामले में दोषी ठहराया है। बुधवार को सुनाए गए फैसले में कोर्ट ने उसे 10 साल की कठोर कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही आरोपी पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

एनआईए अधिकारियों के अनुसार, इदरीस को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यूएपीए की कई धाराओं के तहत दोषी पाया गया। बता दें कि यह मामला सबसे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस ने दर्ज किया था। बाद में अप्रैल 2020 में इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथ में ले ली। एनआईए ने जांच के दौरान सैयद एम. इदरीस को एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार किया था।