भाकियू राष्ट्रीय चिंतन शिविर : अंतिम दिन ‘रेल या जेल’ का संग्राम; मेला अधिकारी का घेराव

 भाकियू राष्ट्रीय चिंतन शिविर : अंतिम दिन ‘रेल या जेल’ का संग्राम; मेला अधिकारी का घेराव
प्रयागराज। प्रयागराज में चल रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के अंतिम दिन एक अनोखा नजारा देखने को मिला। जब शिविर के लंगर में सब्जी तैयार होने में देरी हुई, तो भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत खुद किचन में उतर गए। उन्होंने कलछुल संभाली और बड़े भगोने में मटर-पनीर की सब्जी बनाने लगे। उन्हें रसोइया के रूप में देख कार्यकर्ताओं में जोश भर गया और माहौल आत्मीय हो गया।
मेरठ इकाई ने संभाला लंगर, टिकैत ने की सराहना चिंतन शिविर के दौरान मेरठ जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में मेरठ इकाई द्वारा तीनों दिन लंगर की बेहतरीन व्यवस्था की गई। राकेश टिकैत और गौरव टिकैत ने मेरठ इकाई की पीठ थपथपाई। राकेश टिकैत ने अपने संबोधन में कहा कि मेरठ इकाई ने गन्ना भवन पर हुए आंदोलन में जो जज्बा दिखाया, वही एकजुटता संगठन की असली ताकत है।
प्रशासन से टकराव: ‘रेल या जेल’ के नारों से गूंजा मेला क्षेत्र शिविर के समापन के बाद तब स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब किसानों को स्टेशन तक ले जाने के लिए बसों और मेरठ के लिए स्पेशल ट्रेन की मांग को प्रशासन ने अनसुना कर दिया। इसके विरोध में चौधरी गौरव टिकैत के निर्देशन में हजारों किसानों ने मेला अधिकारी के कार्यालय का घेराव कर दिया और वहीं रागनी गानी शुरू कर दी।
प्रशासन झुका, मिली स्पेशल ट्रेन
लगभग दो घंटे तक चली पंचायत और ‘रेल या जेल’ के नारों के बीच पुलिस अधीक्षक राम यादव और एडीएम ऋतु सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने शुरू में असमर्थता जताई, जिससे किसान भड़क गए। आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा और रोडवेज बसों के साथ-साथ 20 कोच वाली एक स्पेशल ट्रेन प्रयागराज से मेरठ के लिए लगवाई गई, जिसमें सवार होकर किसान रवाना हुए।