विकसित भारत जी-राम-जी को लेकर झूठ फैलाने पर कांग्रेस पर शिवराज सिंह चौहान का करारा प्रहार
नई दिल्ली, 19 जनवरी 2026। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी चिट्ठी झूठ और भ्रम से भरी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं जबकि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाई गई विकसित भारत जी-राम-जी योजना गरीबों, मजदूरों और गांवों के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने अपना मूल चरित्र छोड़ दिया है। कांग्रेस ने अपना आइडिया, आइडियोलॉजी और आइडियल तीनों त्याग दिए हैं। उन्होंने कहा कि कभी कांग्रेस राष्ट्र और गरीब की बात करती थी लेकिन आज न राष्ट्र प्राथमिकता में है और न गरीब। 1971 में गरीबी हटाओ का नारा देने वाली कांग्रेस ने गरीबों को हाशिए पर धकेल दिया जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
मनरेगा को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार में मजदूरों के अधिकार केवल कागजों तक सीमित थे जबकि मौजूदा सरकार ने उन्हें जमीन पर उतारा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में डिस-एनटाइटलमेंट क्लॉज के कारण मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलता था जिसे मोदी सरकार ने हटाकर वास्तविक बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से बनी कुल दस करोड़ परिसंपत्तियों में से लगभग साढ़े आठ करोड़ परिसंपत्तियां मोदी सरकार के कार्यकाल में बनी हैं। जहां कांग्रेस और यूपीए सरकारों ने लगभग दो लाख करोड़ रुपये खर्च किए वहीं मोदी सरकार में अब तक करीब नौ लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं जिनमें कोविड काल के दौरान एक लाख ग्यारह हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि शामिल है।
नई विकसित भारत जी-राम-जी योजना पर बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। मजदूरों को काम का अधिकार मिलेगा और यदि काम न मिला तो 15 दिन के भीतर बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। समय पर मजदूरी न मिलने पर विलंब भुगतान पर अतिरिक्त राशि देने का भी प्रावधान किया गया है ताकि श्रमिकों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहें।
उन्होंने कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज किया कि केवल चुनिंदा पंचायतों को ही काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना पूरे देश में सभी ग्राम पंचायतों पर लागू होगी। काम का निर्धारण ग्राम सभा और ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा और कम से कम पचास प्रतिशत कार्य पंचायतों के माध्यम से ही होंगे न कि ठेकेदारों के जरिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेट रोजगार सहायक और तकनीकी स्टाफ का काम नहीं छीना जाएगा। प्रशासनिक व्यय को छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत किया गया है ताकि कर्मचारियों को समय पर और उचित मानदेय मिल सके।
राज्यों पर 60:40 के वित्तीय अनुपात को लेकर उठाए गए सवालों पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बोझ नहीं बल्कि विकास में निवेश है। उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है जिसमें से 95 हजार 600 करोड़ रुपये से अधिक केंद्र सरकार द्वारा दिए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि योजना के पूर्ण क्रियान्वयन तक मनरेगा के तहत काम की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य विकसित भारत का निर्माण है और यह लक्ष्य तभी पूरा होगा जब गांव विकसित होंगे। विकसित भारत जी-राम-जी योजना रोजगार बुनियादी ढांचे कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली एक समग्र योजना है जिससे किसानों और मजदूरों दोनों को लाभ मिलेगा।
