• July 17, 2026

2026 मकर संक्रांति : सूर्य का उत्तरायण और शनिदेव की विशेष कृपा..

 2026 मकर संक्रांति : सूर्य का उत्तरायण और शनिदेव की विशेष कृपा..
नई दिल्ली। मकर संक्रांति का पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक जागृति और नई शुरुआत का उत्सव है। इस वर्ष 14 जनवरी को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से न केवल अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि सूर्य देव के आशीर्वाद से उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु का वरदान भी प्राप्त होता है।
इस बार की संक्रांति ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास मानी जा रही है। ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी बन रही है कि न्याय के देवता शनिदेव अपनी प्रिय राशियों पर मेहरबान रहने वाले हैं। विशेष रूप से मेष, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा। इन राशियों के जीवन में लंबे समय से रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे और आर्थिक तंगी से राहत मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं।
अगर आप इस दिन का पूर्ण लाभ उठाना चाहते हैं, तो शुभ मुहूर्त का ध्यान अवश्य रखें। दोपहर 3:13 से शाम 5:45 तक का समय पुण्य काल के लिए श्रेष्ठ है। इस दौरान तिल, गुड़ और काली वस्तुओं का दान करना बेहद फलदायी माना जाता है। साथ ही, यदि संभव हो तो कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। यह छोटा सा उपाय आपके जीवन के बड़े संकटों को दूर करने की शक्ति रखता है।
मकर संक्रांति का यह पर्व हमें अपने भीतर के आलस को त्याग कर परिश्रम की ओर बढ़ने का संदेश देता है। जब सूर्य देव स्वयं अपना मार्ग बदलकर प्रकाश की ओर बढ़ते हैं, तो हमें भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लेना चाहिए। इस शुभ अवसर पर पवित्र नदियों में डुबकी लगाकर और भक्ति भाव से पूजा-अर्चना कर अपने और अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना करें।