श्री राम कॉलेज जैसे संस्थान भारत को बनाएँगे विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: प्रो. योगेश सिंह

 श्री राम कॉलेज जैसे संस्थान भारत को बनाएँगे विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: प्रो. योगेश सिंह

नई दिल्ली। भारत का लगभग 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में उभरना इस बात का प्रमाण है कि श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) जैसे संस्थान देश को विश्वस्तरीय अर्थशास्त्री, उद्यमी और नीति-निर्माता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह विचार दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।
समारोह की शुरुआत कॉलेज परिसर के सामने स्थित लॉन में संस्थापक सर श्री राम को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर “टाइमलेस फ्रेम्स” नामक स्मारक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया, जिसमें दरियागंज से लेकर वैश्विक पहचान तक SRCC की सौ वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा को संकलित किया गया है। कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष श्री अजय एस. श्रीराम द्वारा शताब्दी अभिलेखागार और शताब्दी फ़ोयर का उद्घाटन भी किया गया, जो कॉलेज की शैक्षणिक उपलब्धियों, विरासत और प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के इतिहास को दर्शाते हैं।
मुख्य कार्यक्रम श्रीधर श्रीराम सभागार में दीप प्रज्वलन के साथ आरंभ हुआ। इसके पश्चात राष्ट्रगीत और दिल्ली विश्वविद्यालय कुलगीत की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह और गरिमा से भर दिया। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, गवर्निंग बॉडी के सदस्य, प्रतिष्ठित पूर्व छात्र, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
स्वागत भाषण में कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. सिमरित कौर ने SRCC के सौ वर्षों के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विकसित भारत के संकल्प में कॉलेज की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने शैक्षणिक उत्कृष्टता, समावेशिता और समाज के साथ सार्थक जुड़ाव को भविष्य की प्राथमिकताएँ बताया।
कॉलेज गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष श्री अजय एस. श्रीराम ने अपने संबोधन में कॉलेज की मजबूत आधारभूत संरचना, शिक्षा और उद्योग जगत के बीच तालमेल तथा राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान बनाने में पूर्व छात्रों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों से शुरू हुई SRCC की यात्रा आज देश के अग्रणी वाणिज्य संस्थान तक पहुँचना सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने स्वर्गीय अरुण जेटली के योगदान को भी स्मरण करते हुए बताया कि भविष्य में कॉलेज अकादमिक उत्कृष्टता, शोध, एआई-सक्षम शिक्षण, उद्यमिता, समावेशन, स्थिरता और पूर्व छात्र सहभागिता पर विशेष ध्यान देगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने अपने संबोधन में SRCC को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त अकादमिक ब्रांड बताया और कहा कि सौ वर्षों में इस संस्थान ने न केवल पीढ़ियों का निर्माण किया है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने SRCC से शिक्षा प्राप्त कर देश के विकास में योगदान देने वाले अर्थशास्त्रियों, प्रशासकों, न्यायविदों और उद्योगपतियों पर गर्व व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में संगीत, शास्त्रीय नृत्य और संवादात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिला। समारोह का समापन राष्ट्रगान और कॉलेज भवन की भव्य रोशनी के साथ हुआ, जिससे पूरा परिसर उत्सव और सामूहिक गौरव से जगमगा उठा।