बांग्लादेश में इलाज के दौरान खोकन चंद्र दास ने तोड़ा दम; भीड़ ने लगाई थी आग

 बांग्लादेश में इलाज के दौरान खोकन चंद्र दास ने तोड़ा दम; भीड़ ने लगाई थी आग
ढाका। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले थम नहीं रहे। शरियतपुर जिले में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाए गए हिंदू दुकानदार खोकन दास की अस्पताल में मौत हो गई।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शरियतपुर जिले के बाजार में मेडिकल स्टोर चलाने वाले हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की शनिवार सुबह ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान मौत हो गई। नए साल की पूर्व संध्या पर हमलावरों ने उन पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था।
डॉक्टरों के मुताबिक, खोकन दास के शरीर का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। उनके चेहरे और श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा था। अस्पताल के प्रोफेसर डॉ. शौन बिन रहमान ने बताया कि सुबह करीब 7:20 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
ऐसे हुआ था हमला?
जानकारी के अनुसार, यह घटना 31 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे दामुदिया उपजिला के कोनेश्वर यूनियन स्थित केउरभांगा बाजार के पास हुई। दुकान बंद कर घर लौट रहे खोकन दास को रास्ते में बदमाशों ने रोका, धारदार हथियारों से हमला किया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग से बचने की कोशिश में खोकन दास पास के तालाब में कूद गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें पहले शरियतपुर सदर अस्पताल और फिर ढाका रेफर किया गया था।