21 साल के युवक से संबंध बनाना चाहती थी 45 साल की महिला, हत्यारोपी का कबूलनामा
- उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय
Political Trust
- December 13, 2025
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वाराणसी। वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा उर्फ सीता की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। सुबह के समय घर में घुसकर मुंह में कपड़ा ठूंसने और धारदार हथियार व सिलबट्टे से सिर पर प्रहार कर इस वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना के वक्त अनुपमा के पति शैलेश कुमार पटेल घर से बाहर दूध बेचने गए हुए थे। यह हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके परिचित और पास ही ने रहने वाले मोहित यादव (21) और अंजलि चौहान (21) के साथ मिलकर की थी।
यह है मामला
शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर में अज्ञात बदमाशों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा उर्फ सीता (45) को सुबह करीब आठ बजे के करीब मुंह में कपड़ा ठूंसकर धारदार हथियार व सिलबट्टे से सिर पर प्रहार कर हत्या कर दी गई थी।
परिजनों के अनुसार, अनुपमा सुबह पांच बजे उठकर खाना बना रही थी। पति शैलेश कुमार पटेल दूध लेकर बाहर बेचने गया था। शैलेश 10 बजे के करीब वापस आया तो देखा कि कमरे में उसकी पत्नी जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी। पति की चीख सुनकर स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी।
इसके बाद शैलेश ने अपने पास के रिश्तेदार शुभम को फोन कर बुलाया। शुभम ने मामले की सूचना 112 नंबर डायल कर पुलिस को दी। मौके पर एडीसीपी नीतू कात्यान, एसीपी नितिन तनेजा, फॉरेंसिक टीम, थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर पहुंचे।
सीता की 15 साल पहले हुई थी शादी
बताया जाता है कि सीता की शादी 15 साल पहले हुई थी। अभी कोई बच्चा नहीं था। उसके पति दो भाई हैं। छोटा भाई कमलेश, मां बेला देवी, पिता विक्रम पटेल, के साथ लक्ष्मणपुर गांव में रहता है। सीता अपने पति शैलेश के साथ गांव से कुछ दूरी पर निजी मकान बनाकर रहती थी। सीता के पति सुबह पांच बजे आनंद गोल्ड दूध पैकेट को बेचने मार्केट में चले जाते थे। पत्नी घर से ही दूध की पैकेट की बिक्री करती थी। शैलेश प्रतिदिन 10 बजे आता था। इसके बाद सीता को पांडेयपुर स्थित आंगनबाड़ी में छोड़ने चले जाते थे। यहां वह बीएलओ का भी काम करती थी।
सीता की सास बेला देवी ने बताया कि सुबह मैं टहलते हुए आई तो मेरी बहू झाड़ू लगा रही थी। इस मामले में सीता के पति शैलेश की तहरीर के आधार पर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ हत्या का प्राथमिक दर्ज करते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी थी।
शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर में अज्ञात बदमाशों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा उर्फ सीता (45) को सुबह करीब आठ बजे के करीब मुंह में कपड़ा ठूंसकर धारदार हथियार व सिलबट्टे से सिर पर प्रहार कर हत्या कर दी गई थी।
परिजनों के अनुसार, अनुपमा सुबह पांच बजे उठकर खाना बना रही थी। पति शैलेश कुमार पटेल दूध लेकर बाहर बेचने गया था। शैलेश 10 बजे के करीब वापस आया तो देखा कि कमरे में उसकी पत्नी जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी। पति की चीख सुनकर स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी।
इसके बाद शैलेश ने अपने पास के रिश्तेदार शुभम को फोन कर बुलाया। शुभम ने मामले की सूचना 112 नंबर डायल कर पुलिस को दी। मौके पर एडीसीपी नीतू कात्यान, एसीपी नितिन तनेजा, फॉरेंसिक टीम, थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर पहुंचे।
सीता की 15 साल पहले हुई थी शादी
बताया जाता है कि सीता की शादी 15 साल पहले हुई थी। अभी कोई बच्चा नहीं था। उसके पति दो भाई हैं। छोटा भाई कमलेश, मां बेला देवी, पिता विक्रम पटेल, के साथ लक्ष्मणपुर गांव में रहता है। सीता अपने पति शैलेश के साथ गांव से कुछ दूरी पर निजी मकान बनाकर रहती थी। सीता के पति सुबह पांच बजे आनंद गोल्ड दूध पैकेट को बेचने मार्केट में चले जाते थे। पत्नी घर से ही दूध की पैकेट की बिक्री करती थी। शैलेश प्रतिदिन 10 बजे आता था। इसके बाद सीता को पांडेयपुर स्थित आंगनबाड़ी में छोड़ने चले जाते थे। यहां वह बीएलओ का भी काम करती थी।
सीता की सास बेला देवी ने बताया कि सुबह मैं टहलते हुए आई तो मेरी बहू झाड़ू लगा रही थी। इस मामले में सीता के पति शैलेश की तहरीर के आधार पर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ हत्या का प्राथमिक दर्ज करते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी थी।
