केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओडिशा में “मंडिया दिबासा” में की सहभागिता, श्री अन्न के प्रचार को बताया राष्ट्रीय मिशन

 केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओडिशा में “मंडिया दिबासा” में की सहभागिता, श्री अन्न के प्रचार को बताया राष्ट्रीय मिशन

भुवनेश्वर/नई दिल्ली –केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “मंडिया दिबासा” (मिलेट्स डे) में भाग लिया। इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उप मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री कनक वर्धन सिंह देव सहित किसान और वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मंडिया दिबासा केवल एक दिवस नहीं बल्कि श्री अन्न को बढ़ावा देने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने इस दिशा में चर्चा की, लेकिन इसे धरातल पर सबसे पहले उतारने का कार्य ओडिशा ने किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री माझी को इस प्रयास के लिए बधाई दी।

शिवराज सिंह ने कहा कि श्री अन्न केवल अनाज नहीं, बल्कि पोषणयुक्त खाद्यान्न, रसायनमुक्त खेती, जल संरक्षण, मानव और धरती के स्वास्थ्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषियों ने सैकड़ों वर्ष पहले कहा था – “शरीरं आद्यं खलु धर्मसाधनम्” अर्थात निरोग शरीर ही सभी धर्मों के पालन का आधार है। निरोगी रहने के लिए सही आहार आवश्यक है और श्री अन्न शरीर के लिए हितकारी भोजन का सर्वोत्तम उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्री अन्न की महत्ता आज पूरी दुनिया में बढ़ी है। वैज्ञानिक भी मानते हैं कि मिलेट्स यानी मोटा अनाज पोषक तत्वों से भरपूर हैं और शरीर के लिए वरदान हैं। आज हर व्यक्ति को श्री अन्न को अपने आहार का हिस्सा बनाना चाहिए।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मिलेट्स के गुणों की अब वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इंटरनेशनल मिलेट्स ईयर का आयोजन इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम रहा। उन्होंने कहा कि मिलेट्स को बढ़ावा केवल नारों से नहीं, बल्कि आमजन के बीच व्यापक जागरूकता से संभव है। फूड हैबिट बदलकर हम कई बीमारियों जैसे डायबिटीज से बच सकते हैं, इसलिए श्री अन्न को जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ओडिशा सरकार द्वारा एमएसपी पर श्री अन्न की खरीद और मिड डे मील में उसके उपयोग की पहल सराहनीय है। उन्होंने सभी राज्यों से अपील की कि वे भी किसानों से श्री अन्न खरीदें और मिड डे मील व अन्य सरकारी योजनाओं में इसका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि हर सरकारी आयोजन और बैठक में श्री अन्न से बने उत्पादों का उपयोग अनिवार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि कृषि मंत्रालय में “मिलेट्स कैफे” स्थापित किया जाएगा और ओडिशा मॉडल को पूरे देश में प्रचारित किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईसीएआर के वैज्ञानिकों को निर्देश दिए गए हैं कि मिलेट्स की उत्पादकता बढ़ाने के लिए बेहतर बीजों का विकास करें। उन्होंने बताया कि मिलेट्स को कम पानी, कम खाद और कम लागत में उगाया जा सकता है, जिससे यह सूखे और कमजोर मिट्टी वाले क्षेत्रों के लिए आदर्श फसल बनती है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं मिलेट्स की प्रोसेसिंग का उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं और अब ग्रेडिंग व पैकेजिंग को स्थानीय स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और ओडिशा का यह मॉडल पूरे भारत के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।