बिहार में हर महीने उद्यमियों के साथ बैठक करेंगे उद्योग मंत्री और सचिव : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के 82वें वार्षिक समारोह का शुभारंभ, निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने किए कई बड़े ऐलान
पटना- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार में उद्योगों के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार उद्यमियों के साथ नियमित संवाद करेगी। इसके तहत हर महीने उद्योग मंत्री एवं उद्योग विभाग के सचिव बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन तथा अन्य औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में उद्यमियों की समस्याओं, निवेश की संभावनाओं और औद्योगिक नीतियों में जरूरी बदलावों पर चर्चा होगी।

मुख्यमंत्री ने बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) के 82वें वार्षिक समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जिलों में होने वाली उद्योगपतियों की मासिक बैठकों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। उद्योग विभाग इसकी नियमित मॉनिटरिंग करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत उद्योगों को 30 दिनों के भीतर एनओसी देने की व्यवस्था की है। निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर डीम्ड डिक्लेरेशन का प्रावधान भी किया गया है। पिछले एक वर्ष में एक हजार से अधिक बड़ी औद्योगिक इकाइयों को धरातल पर उतारने की दिशा में काम हुआ है। निवेश को आकर्षित करने के लिए सेमीकंडक्टर, जीसीसी, आईटी और एआई पॉलिसी लागू की गई हैं, जबकि फार्मास्यूटिकल पॉलिसी भी तैयार हो चुकी है।

बिहार के उद्यमियों को सरकारी टेंडर में प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि 50 करोड़ रुपये तक के सरकारी टेंडर में बिहार से जुड़े उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। बिहार क्रय वरीयता नीति के तहत राज्य में उत्पादित गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं की 25 से 40 प्रतिशत खरीद राज्य सरकार करेगी। इससे स्थानीय उद्योगों को बाजार मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि गया जी में इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। राज्य में 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है, जहां औद्योगिक कॉरिडोर सहित आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
2030 तक 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए बिजली, सड़क, पानी और बेहतर आधारभूत संरचना जरूरी है। बिहार में बिजली की खपत बढ़कर 10 हजार मेगावाट से अधिक हो गई है। वर्ष 2030 तक 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सोलर, पंप स्टोरेज, थर्मल और बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार उद्योगों की स्थापना में आने वाली प्रशासनिक और कानूनी बाधाओं को दूर करने के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से बिहार के औद्योगिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि बिहार अपना भाग्य बदलने के लिए तैयार है। सरकार उद्योग एवं निवेश को गति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट औद्योगिक उपलब्धियों के लिए जगजीवन सिंह, गौरव साह और अरुण अग्रवाल को विभिन्न मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, बीआईए अध्यक्ष रामलाल खेतान, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित उद्योग जगत के अनेक प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।http://Politicaltrust.in
