भारत टेक्स 2026 में बिहार का जलवा, टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश के नए अवसर

 भारत टेक्स 2026 में बिहार का जलवा, टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश के नए अवसर

नई दिल्ली दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ग्लोबल टेक्सटाइल महाकुंभ ‘भारत टेक्स 2026’ का शुक्रवार को समापन हो गया। चार दिवसीय आयोजन में बिहार सरकार ने राज्य को उभरते हुए वैश्विक टेक्सटाइल एवं परिधान निवेश गंतव्य के रूप में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व और उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में बिहार पवेलियन निवेशकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।

बिहार पवेलियन में ‘Investment Opportunities in Textile Sector in Bihar’ के तहत राज्य की नई औद्योगिक नीतियों, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल माहौल को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। देश-विदेश से आए बड़े टेक्सटाइल निर्यातकों और ब्रांड्स ने बिहार की उद्योग-अनुकूल नीतियों में विशेष रुचि दिखाई।
पवेलियन के बिजनेस लाउंज में आयोजित बी-टू-जी (Business-to-Government) बैठकों में निवेशकों को ‘Textile and Leather Policy (Amended) 2025’ के तहत उपलब्ध वित्तीय प्रोत्साहनों और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

इस दौरान कई प्रमुख उद्योग समूहों ने बिहार में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की इच्छा भी जताई।
पवेलियन का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने किया था। यहां भागलपुरी सिल्क, मधुबनी पेंटिंग, सुजनी और खटवा वर्क जैसे जीआई (GI) टैग उत्पादों ने विदेशी खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया, वहीं आधुनिक गारमेंट उद्योग में बिहार की संभावनाओं ने निवेशकों को प्रभावित किया।
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में विभागीय टीम ने पूरे आयोजन के दौरान वैश्विक खरीदारों और निवेशकों के साथ लगातार बैठकें कीं। बिहार सरकार का उद्देश्य केवल नए उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं और महिला कारीगरों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना भी है।

भारत टेक्स 2026 में बिहार पवेलियन को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में बिहार देश के प्रमुख और लाभदायक टेक्सटाइल हब के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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