अमेरिकी शेयर बाजार और विदेशी कंपनियों में पैसा लगाने का क्रेज बढ़ा

 अमेरिकी शेयर बाजार और विदेशी कंपनियों में पैसा लगाने का क्रेज बढ़ा
नई दिल्ली। आजकल भारतीयों में अमेरिकी शेयर बाजार और विदेशी कंपनियों में पैसा लगाने का बहुत ज्यादा क्रेज देखने को मिल रहा है। लोग सोचते हैं कि सात समंदर पार की कंपनियों में पैसा लगाकर वे आसानी से अमीर बन जाएंगे। लेकिन हमेशा याद रखिए, आपकी इस विदेशी कमाई पर भारत के आयकर विभाग की नजर बहुत पैनी है। विदेशी बाजारों से मोटा पैसा कमाना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन इस कमाई पर सरकार को सही समय पर टैक्स देना बहुत जरूरी है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप विदेशी कंपनियों के शेयर या ईटीएफ खरीदकर मुनाफा कमा रहे हैं, तो सिर्फ डॉलर बटोरना ही काफी नहीं है। आपको अपनी इस विदेशी कमाई की पूरी जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी और उस पर सही तरीके से टैक्स भी चुकाना होगा। आपकी एक छोटी-सी लापरवाही या जानकारी छिपाने की गलती आपको बहुत भारी मुसीबत में डाल सकती है। विदेशी शेयरों पर टैक्स इस बात पर पूरी तरह निर्भर करता है कि आपने उन शेयरों को खरीदकर कितने समय तक अपने पास रखा है। अगर आप किसी विदेशी कंपनी के शेयर को 24 महीने (दो साल) से ज्यादा समय तक अपने पास रखकर बेचते हैं, तो इसे लंबी अवधि का मुनाफा यानी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। इस मुनाफे पर आपको 12.5 प्रतिशत की दर से टैक्स देना होगा और इसके साथ लागू सरचार्ज और उपकर भी चुकाना होगा।http://Politicaltrust.in