योगी कैबिनेट की बैठक में नगरीय परिवहन और पंचायत आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी

 योगी कैबिनेट की बैठक में नगरीय परिवहन और पंचायत आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, ऊर्जा व्यवस्था, नगरीय परिवहन और पंचायत आरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने पूर्वांचल में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने और महानगरों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़े फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल के निर्णयों को आगामी वर्षों में प्रदेश के विकास और निवेश के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठक में मिर्जापुर में 765/400 केवी क्षमता वाले विद्युत संकलन उपकेंद्र और उससे जुड़ी पारेषण लाइनों की स्थापना को स्वीकृति दी गई। करीब 2799.47 करोड़ रुपए की इस परियोजना से प्रदेश में उत्पादित बिजली की निकासी और आपूर्ति व्यवस्था अधिक मजबूत होगी। सरकार का कहना है कि इससे घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली मिल सकेगी। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान उन्होंने डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शहीद पथ स्थित नए परिसर में 1,100 शैय्याओं वाले अत्याधुनिक आपात चिकित्सा केंद्र, शिक्षण भवन और बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) भवन के निर्माण को भी मंजूरी दी। लगभग 855 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस परियोजना से राजधानी समेत आसपास के जिलों के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का मानना है कि मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल का विस्तार आवश्यक हो गया था। इससे प्रयागराज मंडल के कई जिलों के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। बैठक में आगरा और लखनऊ में मेट्रो परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। आगरा में दूसरे गलियारे के लिए मेट्रो स्टेशन और ऊपरी मार्ग निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई। वहीं, लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक पूर्व-पश्चिम गलियारे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5,801 करोड़ रुपए बताई गई है।