सपा प्रवक्ता की ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी से सियासी भूचाल, दिल्ली से लेकर लखनऊ तक बवाल

 सपा प्रवक्ता की ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी से सियासी भूचाल, दिल्ली से लेकर लखनऊ तक बवाल
नोएडा/गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई एक विवादित टिप्पणी ने दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक बवाल मचा दिया है। वहीं उनके इस बयान ने सियासत में भूचाल ला दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में भाटी द्वारा ब्राह्मणों की तुलना वेश्याओं से करने वाले एक मुहावरे के प्रयोग पर समाज में जबरदस्त उबाल है। इस मामले में गाजियाबाद के कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है, वहीं आक्रोशित ब्राह्मण समाज ने 15 मई को दादरी में महापंचायत बुलाई है।5 मई को दिल्ली के जवाहर भवन में ‘जाति और साम्प्रदायिकता के विषाणु’ नामक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में राजकुमार भाटी ने भाषण दिया था। आरोप है कि उन्होंने एक उदाहरण देते हुए आपत्तिजनक मुहावरा कहा— “ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय। और कोई-कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय।” मंगलवार को जब इस भाषण की क्लिप वायरल हुई, तो चारों ओर से विरोध शुरू हो गया। भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने भाटी के खिलाफ विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने की धाराओं में केस दर्ज किया है।
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इसे सपा का ‘घृणित चिंतन’ करार देते हुए कहा कि यह पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। वहीं, लखनऊ में निलंबित पीसीएस अधिकारी और राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री अपने साथियों के साथ सपा मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने अखिलेश यादव से भाटी को बर्खास्त करने की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाकर हिरासत में ले लिया।
राजकुमार भाटी की सफाई और माफी
चौतरफा घिरे राजकुमार भाटी ने वीडियो संदेश जारी कर बिना शर्त माफी मांग ली है। उन्होंने कहा, “मैं ब्राह्मण समाज का सम्मान करता हूं। 12 मिनट के भाषण में से मात्र 30 सेकंड की क्लिप काटकर साजिश के तहत वायरल की गई है। अगर मेरी बात से किसी ब्राह्मण भाई को बुरा लगा है, तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं।”
15 मई को महापंचायत
माफी के बावजूद ब्राह्मण समाज शांत नहीं है। दादरी के ब्रह्मपुरी में आयोजित बैठक में पंडित पीताम्बर शर्मा और अन्य नेताओं ने कहा कि समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शुक्रवार शाम 4 बजे भगवान परशुराम धर्मशाला में महापंचायत होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।