मुख्यमंत्री योगी का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार आज, ये विधायक ले सकते हैं शपथ
- उत्तर प्रदेश राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- May 10, 2026
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Political Trust Magazine
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों और कयासों पर आज विराम लगने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल का बहुप्रतीक्षित दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार आज रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे राजभवन के गांधी सभागार में संपन्न होगा। शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से लगभग 45 मिनट तक मुलाकात कर नए मंत्रियों की अंतिम सूची सौंप दी थी। इस विस्तार के साथ ही योगी सरकार में मंत्रियों की संख्या संवैधानिक रूप से अधिकतम सीमा यानी 60 तक पहुँच जाएगी।
इस मंत्रिमंडल विस्तार को आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है। शपथ लेने वाले 6 नए मंत्रियों में 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी और 2 दलित चेहरों को शामिल किया गया है।
मनोज पांडेय: समाजवादी पार्टी के कद्दावर ब्राह्मण चेहरा रहे मनोज पांडेय को शामिल कर भाजपा ने ब्राह्मण मतदाताओं को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
भूपेंद्र चौधरी: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जाट समुदाय के बड़े नेता भूपेंद्र चौधरी के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समीकरणों को साधा गया है।
पूजा पाल और कृष्णा पासवान: सपा की बागी विधायक पूजा पाल (ओबीसी) और भाजपा की वरिष्ठ विधायक कृष्णा पासवान (दलित) को मंत्री बनाकर भाजपा ने महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ पिछड़े और दलित वर्ग में अपनी पैठ मजबूत करने का प्रयास किया है।
सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा: अलीगढ़ से दलित विधायक सुरेंद्र दिलेर और वाराणसी से एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा के जरिए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को भी दुरुस्त किया गया है। हंसराज विश्वकर्मा वर्तमान में भी वाराणसी भाजपा के जिला अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। वे इस जिम्मेदारी को काफी समय से निभा रहे हैं और सितंबर 2023 में उन्हें तीसरी बार इस पद की कमान सौंपी गई थी। वे प्रधानमंत्री के बहुत भरोसेमंद नेता माने जाते है।
सुरेंद्र दिलेर और कृष्णा पासवान को मंत्रिमंडल में शामिल करके सरकार ने दलित वर्ग को संदेश देने की कोशिश कर रही है। इससे पहले योगी सरकार में एक कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य समेत कुल 8 मंत्री दलित वर्ग से हैं। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक ये सभी 6 नाम अंतिम माने जा रहे है लेकिन एक विधायक अशोक राजपूत का नाम भी चर्चा में है, उन्हें भी समायोजित किया जा सकता है।
इस मंत्रिमंडल विस्तार को आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है। शपथ लेने वाले 6 नए मंत्रियों में 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी और 2 दलित चेहरों को शामिल किया गया है।
मनोज पांडेय: समाजवादी पार्टी के कद्दावर ब्राह्मण चेहरा रहे मनोज पांडेय को शामिल कर भाजपा ने ब्राह्मण मतदाताओं को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
भूपेंद्र चौधरी: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जाट समुदाय के बड़े नेता भूपेंद्र चौधरी के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समीकरणों को साधा गया है।
पूजा पाल और कृष्णा पासवान: सपा की बागी विधायक पूजा पाल (ओबीसी) और भाजपा की वरिष्ठ विधायक कृष्णा पासवान (दलित) को मंत्री बनाकर भाजपा ने महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ पिछड़े और दलित वर्ग में अपनी पैठ मजबूत करने का प्रयास किया है।
सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा: अलीगढ़ से दलित विधायक सुरेंद्र दिलेर और वाराणसी से एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा के जरिए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को भी दुरुस्त किया गया है। हंसराज विश्वकर्मा वर्तमान में भी वाराणसी भाजपा के जिला अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। वे इस जिम्मेदारी को काफी समय से निभा रहे हैं और सितंबर 2023 में उन्हें तीसरी बार इस पद की कमान सौंपी गई थी। वे प्रधानमंत्री के बहुत भरोसेमंद नेता माने जाते है।
सुरेंद्र दिलेर और कृष्णा पासवान को मंत्रिमंडल में शामिल करके सरकार ने दलित वर्ग को संदेश देने की कोशिश कर रही है। इससे पहले योगी सरकार में एक कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य समेत कुल 8 मंत्री दलित वर्ग से हैं। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक ये सभी 6 नाम अंतिम माने जा रहे है लेकिन एक विधायक अशोक राजपूत का नाम भी चर्चा में है, उन्हें भी समायोजित किया जा सकता है।
