नई दिल्ली। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट भारत के कृषि क्षेत्र की एक भयावह तस्वीर पेश करती है। वर्ष 2024 में कुल 10,546 लोगों ने कृषि क्षेत्र में आत्महत्या की, जिसका अर्थ है कि देश में हर घंटे एक किसान या मजदूर अपनी जान दे रहा है। रिपोर्ट में चिंताजनक पहलू खेतिहर मजदूरों की बढ़ती हिस्सेदारी है, जो अब कुल मामलों का 56% हो चुकी है।
किसानों और खेतिहर मजदूरों के बीच आत्महत्या का संकट वर्ष 2024 में भी गंभीर बना रहा। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के 2024 में कृषि क्षेत्र से जुड़े कुल 10,546 लोगों ने जान दी थी। यह संख्या 2023 के 10,786 मामलों की तुलना में थोड़ी कम जरूर है, लेकिन देश में औसतन हर दिन लगभग 28 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। यानी भारत में अब भी हर घंटे एक किसान या खेतिहर मजदूर अपनी जान दे रहा है।