बंगाल चुनाव 2026: दीदी के गढ़ में भाजपा की बड़ी सेंध, रुझानों में 4 जिलों में TMC का ‘सूपड़ा साफ’
- दिल्ली राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- May 4, 2026
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Political Trust Magazine
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के रुझानों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 293 सीटों पर जारी गिनती के बीच ऐसे चार जिले सामने आए हैं, जहां तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का खाता तक नहीं खुलता दिख रहा है। जिन चार जिलों में टीएमसी का खाता तक खुलता नहीं दिख रहे हैं, उसमें उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जबकि दक्षिण बंगाल के झारग्राम और पश्चिम बर्धमान शामिल हैं। झारग्राम जिले की चार विधानसभा सीटों पर सुबह 10:30 बजे तक के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।
इन सीटों में नयाग्राम, गोपीबल्लवपुर, झारग्राम, और बिनपुर (एसटी) शामिल हैं। झारग्राम इलाका आदिवासी बहुल जंगलमहल क्षेत्र का हिस्सा है, जो कभी माकपा का गढ़ रहा, लेकिन 2011 के बाद यह तृणमूल कांग्रेस का मजबूत आधार बन गया था। लेफ्ट फ्रंट के अंतिम वर्षों में यह इलाका माओवादी गतिविधियों के लिए भी जाना जाता था। अलीपुरद्वार जिले की पांच सीटों पर भी भाजपा बढ़त बनाए हुए है। इनमें कुमारग्राम (एसटी), कालचिनी (एसटी), अलीपुरद्वार, फलाकाटा (एससी) और मदारीहाट (एसटी) शामिल हैं।
इसी तरह जलपाईगुड़ी जिले की सात सीटों पर भी भाजपा के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। इनमें धुपगुड़ी (एससी), मयनागुड़ी (एससी), जलपाईगुड़ी (एससी), राजगंज (एससी), डाबग्राम-फुलबाड़ी, माल (एसटी) और नागराकाटा (एसटी) शामिल हैं। जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार, पश्चिम बंगाल के तराई और डूअर्स क्षेत्र में आते हैं, जहां चाय बागानों में काम करने वाले आदिवासी और राजबंशी वोटर चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं।
पश्चिम बर्धमान जिले की सात सीटों (पांडाबेश्वर, दुर्गापुर पूर्व, दुर्गापुर पश्चिम, रानीगंज, जमुरिया, आसनसोल दक्षिण और आसनसोल उत्तर) पर भी भाजपा बढ़त बनाए हुए है। खास तौर पर आसनसोल दक्षिण सीट पर भाजपा की मौजूदा विधायक और फैशन डिजाइनर से नेता बनीं अग्निमित्रा पॉल लीड कर रही हैं। पश्चिम बर्धमान कोयला खनन और स्टील उद्योग के लिए जाना जाता है। बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दावा किया था कि इस बार पश्चिम बंगाल में कई जिले ऐसे होंगे, जहां तृणमूल कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी। शुरुआती रुझान इसी ओर इशारा करते नजर आ रहे हैं। http://Politicaltrust.in
इन सीटों में नयाग्राम, गोपीबल्लवपुर, झारग्राम, और बिनपुर (एसटी) शामिल हैं। झारग्राम इलाका आदिवासी बहुल जंगलमहल क्षेत्र का हिस्सा है, जो कभी माकपा का गढ़ रहा, लेकिन 2011 के बाद यह तृणमूल कांग्रेस का मजबूत आधार बन गया था। लेफ्ट फ्रंट के अंतिम वर्षों में यह इलाका माओवादी गतिविधियों के लिए भी जाना जाता था। अलीपुरद्वार जिले की पांच सीटों पर भी भाजपा बढ़त बनाए हुए है। इनमें कुमारग्राम (एसटी), कालचिनी (एसटी), अलीपुरद्वार, फलाकाटा (एससी) और मदारीहाट (एसटी) शामिल हैं।
इसी तरह जलपाईगुड़ी जिले की सात सीटों पर भी भाजपा के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। इनमें धुपगुड़ी (एससी), मयनागुड़ी (एससी), जलपाईगुड़ी (एससी), राजगंज (एससी), डाबग्राम-फुलबाड़ी, माल (एसटी) और नागराकाटा (एसटी) शामिल हैं। जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार, पश्चिम बंगाल के तराई और डूअर्स क्षेत्र में आते हैं, जहां चाय बागानों में काम करने वाले आदिवासी और राजबंशी वोटर चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं।
पश्चिम बर्धमान जिले की सात सीटों (पांडाबेश्वर, दुर्गापुर पूर्व, दुर्गापुर पश्चिम, रानीगंज, जमुरिया, आसनसोल दक्षिण और आसनसोल उत्तर) पर भी भाजपा बढ़त बनाए हुए है। खास तौर पर आसनसोल दक्षिण सीट पर भाजपा की मौजूदा विधायक और फैशन डिजाइनर से नेता बनीं अग्निमित्रा पॉल लीड कर रही हैं। पश्चिम बर्धमान कोयला खनन और स्टील उद्योग के लिए जाना जाता है। बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दावा किया था कि इस बार पश्चिम बंगाल में कई जिले ऐसे होंगे, जहां तृणमूल कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी। शुरुआती रुझान इसी ओर इशारा करते नजर आ रहे हैं। http://Politicaltrust.in
