भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत
- दिल्ली राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- May 1, 2026
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता। यह फैसला 29 अप्रैल को जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने सुनाया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में टिप्पणियां की और कहा कि प्रस्तुत सामग्री और कथित भाषणों की जांच के बाद कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता। भाषण किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं थे। इनमें हिंसा या सार्वजनिक अशांति भड़काने का स्पष्ट तत्व नहीं पाया गया। अदालत ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट का अंतिम निष्कर्ष सही था, लेकिन उसकी तर्क प्रक्रिया (सैंक्शन के आधार पर) पूरी तरह उचित नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि एफआईआर दर्ज करने के लिए पहले से सरकारी अनुमति (सैंक्शन) जरूरी नहीं है। ऐसी अनुमति की आवश्यकता केवल उस चरण में होती है, जब अदालत मामले का संज्ञान लेती है। यदि जांच शुरू करने से पहले ही सैंक्शन को अनिवार्य कर दिया जाए, तो इससे जांच प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में टिप्पणियां की और कहा कि प्रस्तुत सामग्री और कथित भाषणों की जांच के बाद कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता। भाषण किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं थे। इनमें हिंसा या सार्वजनिक अशांति भड़काने का स्पष्ट तत्व नहीं पाया गया। अदालत ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट का अंतिम निष्कर्ष सही था, लेकिन उसकी तर्क प्रक्रिया (सैंक्शन के आधार पर) पूरी तरह उचित नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि एफआईआर दर्ज करने के लिए पहले से सरकारी अनुमति (सैंक्शन) जरूरी नहीं है। ऐसी अनुमति की आवश्यकता केवल उस चरण में होती है, जब अदालत मामले का संज्ञान लेती है। यदि जांच शुरू करने से पहले ही सैंक्शन को अनिवार्य कर दिया जाए, तो इससे जांच प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
